Bigbloc Construction: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में भारी गिरावट! जानिए क्या है वजह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Bigbloc Construction: रेवेन्यू बढ़ा, पर मुनाफे में भारी गिरावट! जानिए क्या है वजह

Bigbloc Construction का रेवेन्यू बढ़ा है, लेकिन कंपनी की मुनाफे वाली मार्जिन में भारी गिरावट आई है। कंपनी नए प्रोडक्ट्स और क्षमता विस्तार पर जोर दे रही है, लेकिन इन सबके बीच नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया गया है।

Bigbloc Construction को क्यों लगी मुनाफे में चोट?

Bigbloc Construction ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में ₹2,834 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2025 (FY25) के ₹2,246 मिलियन से काफी ज्यादा है। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो FY25 में 6,03,101 CBM से बढ़कर FY26 में 8,26,904 CBM हो गई है। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी (Manufacturing Capacity) को बढ़ा रही है और कंस्ट्रक्शन केमिकल्स (Construction Chemicals) व AAC वॉल पैनल्स (AAC Wall Panels) जैसे नए सेगमेंट्स में भी उतर रही है, जिसके लिए एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) भी शुरू किया गया है।

क्या है चिंता की बात?

जहाँ एक तरफ कंपनी बिक्री बढ़ाने और अपने बिजनेस मॉडल को विस्तार देने में सफल रही है, वहीं दूसरी तरफ मुनाफे को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। EBITDA मार्जिन में भारी गिरावट देखने को मिली है, जो FY24 में 23.07% थी, वह FY26 में घटकर सिर्फ 6.21% रह गई। इसके चलते कंपनी ने FY26 में ₹85 मिलियन का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि FY25 में यह ₹32 मिलियन का प्रॉफिट था।

कंपनी की विस्तार योजनाएं

Bigbloc Construction, जो भारत में AAC ब्लॉक बनाने वाली एक बड़ी कंपनी है, अब 'इंटीग्रेटेड बिल्डिंग सॉल्यूशंस' (Integrated Building Solutions) मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी मध्य प्रदेश में ज़मीन अधिग्रहित करके भौगोलिक विस्तार (Geographic Expansion) कर रही है। साथ ही, कंस्ट्रक्शन केमिकल्स और AAC वॉल पैनल्स के साथ अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (Product Portfolio) को भी मजबूत कर रही है। थाईलैंड की SCG International के साथ मिलकर वॉल पैनल के लिए जॉइंट वेंचर (Joint Venture) भी अब काम कर रहा है।

निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नज़र?

निवेशकों को कंपनी की EBITDA मार्जिन में लगातार हो रही गिरावट, नेट लॉस (Net Loss) की स्थिति और AAC ब्लॉक्स से जुड़े लॉजिस्टिकल चैलेंजेस (Logistical Challenges) पर कड़ी नज़र रखनी होगी, जो कि इसके सप्लाई रेडियस (Supply Radius) को सीमित करते हैं।

आगे क्या?

आने वाले समय में कंपनी अपनी मार्जिन सुधारने और प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) हासिल करने में कितनी सफल होती है, यह देखना अहम होगा। खासकर नए प्रोडक्ट्स और भौगोलिक बाजारों में विस्तार के बाद कंपनी के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें रहेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.