Bigbloc Construction ने FY26 के लिए ₹8.49 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि रेवेन्यू ₹283.42 करोड़ रहा। सेल्स वॉल्यूम में **37%** की बढ़ोतरी हुई, लेकिन ऊंचे खर्चों के कारण मार्जिन में गिरावट आई। कंपनी नई फैक्ट्री और प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन की योजना बना रही है।
Bigbloc Construction FY26 नतीजे: वॉल्यूम ग्रोथ के बावजूद घाटा और ऑडिटर की चिंताएं
Bigbloc Construction ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए ₹8.49 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹283.42 करोड़ रहा। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में 37% की बड़ी उछाल आई और यह 8,26,904 CBM तक पहुंच गई। हालांकि, पिछले साल के 13.0% की तुलना में EBITDA मार्जिन घटकर 6.2% रह गया।
निवेशकों के लिए मुख्य बात: वॉल्यूम ग्रोथ कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दर्शाती है, लेकिन लागत का दबाव और ऑडिटर की चिंताएं मुनाफे पर असर डाल रही हैं।
क्या हुआ?
FY26 में, Bigbloc Construction का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹283.42 करोड़ रहा, जिसमें ₹8.49 करोड़ का नेट लॉस हुआ। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम 37% बढ़कर 8,26,904 CBM हो गई। नए कैपेसिटीज से इनपुट लागत, फाइनेंस खर्च और डेप्रिसिएशन बढ़ने के कारण EBITDA मार्जिन घटकर 6.2% पर आ गया।
स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर, FY26 में रेवेन्यू ₹88.50 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹67.20 करोड़ की तुलना में अधिक है। वहीं, स्टैंडअलोन नेट लॉस FY26 में घटकर ₹4.14 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹7.30 करोड़ था।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
वॉल्यूम ग्रोथ के बावजूद नेट लॉस होना, कंपनी के मुनाफे पर पड़े दबाव को दिखाता है। मार्जिन में आई कमी निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा, CARO 2020 रिपोर्ट में स्टैट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) द्वारा की गई प्रतिकूल टिप्पणियां, विशेष रूप से वित्तीय प्रक्रियाओं के पालन और फंड के उपयोग के संबंध में, ध्यान देने योग्य हैं।
पिछली कहानी
पिछले साल (FY25) में, Bigbloc Construction का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹67.20 करोड़ था और इसने ₹7.30 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
Bigbloc Construction मध्य प्रदेश में ₹75-80 करोड़ का निवेश करके एक नई फैक्ट्री स्थापित करने की योजना बना रही है, जिसका उद्देश्य कंपनी की भौगोलिक पहुंच को बढ़ाना है। कंपनी कंस्ट्रक्शन केमिकल्स सहित नए प्रोडक्ट्स को भी कमर्शियलाइज कर रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 में सेल्स वॉल्यूम में 10-20% की ग्रोथ होगी और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन बढ़कर 75-80% हो जाएगा।
जोखिम
निवेशकों को कंपनी की उन मुद्दों को हल करने की क्षमता पर नजर रखनी होगी जिन्हें ऑडिटर ने उठाया है। इनमें बैंक सबमिशन, वैधानिक बकाया, फंड का उपयोग और कैश लॉस से संबंधित मामले शामिल हैं। मार्जिन में सुधार और नई कैपेसिटीज का सफल संचालन भविष्य में मुनाफे के लिए महत्वपूर्ण होगा।
पीयर तुलना
(फाइलिंग में पीयर तुलना का डेटा उपलब्ध नहीं है)
प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-आधारित)
- FY26 कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹283.42 करोड़
- FY26 कंसोलिडेटेड नेट लॉस: ₹8.49 करोड़
- FY26 सेल्स वॉल्यूम: 8,26,904 CBM
- FY26 EBITDA मार्जिन: 6.2%
- FY25 EBITDA मार्जिन: 13.0%
आगे क्या देखना है
निवेशकों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु यह होंगे कि कंपनी ऑडिटर की चिंताओं को दूर करने में कितनी प्रगति करती है, EBITDA मार्जिन में कितना सुधार होता है, और मध्य प्रदेश में विस्तार योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कैसे होता है। FY27 में लगातार मुनाफे की राह पर कंपनी की प्रगति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी।
