Bharati Defence and Infrastructure ने FY26 के नतीजों में **24%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो बढ़कर **₹28.91 करोड़** हो गई है। हालांकि, NCLT से जुड़ी एकाउंटिंग एडजस्टमेंट के कारण कंपनी को **₹312.73 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, लेकिन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में **10%** का सुधार देखा गया है।
मुनाफे और नुकसान का गणित
कंपनी ने अपनी 49वीं सालाना आम बैठक (AGM) में FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने ₹312.73 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। इस नुकसान की मुख्य वजह ₹328.35 करोड़ का वन-टाइम राइट-ऑफ है, जो NCLT की अधिग्रहण योजना के तहत किया गया है। अगर इन खर्चों को हटा दें, तो कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹15.73 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 10.10% ज्यादा है।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
यह फाइनेंशियल फाइलिंग कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि यह लिक्विडेशन की प्रक्रिया से बाहर आने के बाद की स्थिति को दर्शाती है। ₹28.91 करोड़ का रेवेन्यू बताता है कि अब कंपनी एसेट बेचने के बजाय अपने कोर बिजनेस यानी प्रोडक्ट सेल्स पर लौट रही है। सबसे बड़ी खबर यह है कि कंपनी ने इक्विटी शेयर लिस्टिंग के लिए SEBI के पास आवेदन कर दिया है, जो इसके सामान्य कामकाज की तरफ वापसी के लिए एक बड़ा कदम है।
नई रणनीति और पार्टनरशिप
कंपनी ने Defence-Tech क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Exicom Technologies के साथ हाथ मिलाया है। यह साझेदारी अनमैन्ड सिस्टम (Unmanned Systems) और टैक्टिकल कम्युनिकेशंस पर केंद्रित होगी, जो 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन के तहत एक रणनीतिक कदम है। कंपनी ने फिलहाल कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देने का फैसला किया है ताकि पूंजी को सुरक्षित रखा जा सके।
आगे की राह (Outlook)
फिलहाल, निवेशकों की नजरें SEBI की लिस्टिंग मंजूरी पर टिकी हैं। कंपनी अभी भी अप्रैल 2024 के NCLT आदेश के तहत बनी मैनेजमेंट स्ट्रक्चर के माध्यम से काम कर रही है। आने वाले समय में Exicom Technologies के साथ बढ़ती साझेदारी और लिस्टिंग का स्टेटस ही शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा।
