Bharat Wire Ropes के लिए Q1 FY27 का नतीजा काफी चुनौतीपूर्ण रहा। मिडल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे कंपनी के प्रॉफिट में **22%** और रेवेन्यू में **8%** की गिरावट दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के ताजा नतीजों के मुताबिक, इस तिमाही में रेवेन्यू ₹1,304 मिलियन रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) घटकर ₹122 मिलियन पर आ गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 21.8% कम है। सेल्स वॉल्यूम में भी कमी आई है, जो पिछले साल के 9,261 MT से गिरकर इस बार 8,619 MT रह गया है।
क्यों बिगड़ा खेल?
नतीजों में आई गिरावट की मुख्य वजह मिडल ईस्ट में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव है। मैनेजमेंट के अनुसार, इस संकट ने एक्सपोर्ट के लिए सप्लाई चेन को पूरी तरह बाधित कर दिया है। इसके अलावा, पावर और फ्यूल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी के EBITDA मार्जिन को भी 168 बेसिस पॉइंट्स कम कर दिया, जो अब 19.56% है।
अब कंपनी की क्या है रणनीति?
एक्सपोर्ट में आ रही रुकावटों को देखते हुए अब Bharat Wire Ropes अपना पूरा ध्यान घरेलू मार्केट पर लगा रही है। कंपनी अब हाई-मार्जिन वाले वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ा रही है ताकि प्रॉफिटेबिलिटी को बचाया जा सके।
इसके अलावा, लागत घटाने के लिए कंपनी ग्रीन एनर्जी पर भी दांव लगा रही है। फिलहाल कंपनी के पास 6.5 MW की कैप्टिव सोलर क्षमता है और अतिरिक्त 1.86 MW सोलर प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिससे भविष्य में एनर्जी खर्च को काबू में रखा जा सकेगा।
