Bharat Textiles का सालाना प्रदर्शन
Bharat Textiles & Proofing Industries Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from operations) में 18.25% की जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले साल के ₹16.32 करोड़ से बढ़कर ₹19.30 करोड़ हो गया। वहीं, सालाना नेट प्रॉफिट में 26.21% का इजाफा हुआ है, जो ₹0.26 करोड़ से बढ़कर ₹0.33 करोड़ पर पहुंच गया है।
Q4 में दिखा घाटे का साया
हालांकि, सालभर की यह अच्छी तस्वीर चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों से थोड़ी धूमिल हो गई। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में ₹0.87 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। इस तिमाही के नुकसान ने पूरे साल के आंकड़ों को प्रभावित किया। कंपनी की कुल संपत्ति में भी 13.71% की गिरावट आई है, जो पिछले साल के ₹15.09 करोड़ से घटकर ₹13.02 करोड़ रह गई है।
ऑपरेशनल बदलाव का असर?
जानकार मान रहे हैं कि यह तिमाही घाटा कंपनी के ऑपरेशनल बदलावों से जुड़ा हो सकता है। Bharat Textiles अपने आंध्र प्रदेश के TADA प्लांट की मशीनरी को तमिलनाडु के Gummudipoondi में शिफ्ट कर रही है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी ने TADA फैक्ट्री की जमीन और बिल्डिंग को बेच दिया है।
आगे क्या?
Gummudipoondi में शिफ्टिंग से कंपनी के ऑपरेशंस के सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है। TADA एसेट की बिक्री से कंपनी की संपत्ति का आधार कम हुआ है, जो आने वाली बैलेंस शीट में दिखेगा। इस बीच, श्री कृष्ण कुमार भंडारी को होल-टाइम डायरेक्टर (Whole-Time Director) के पद पर फिर से नियुक्त किया गया है।
निवेशकों के लिए बड़ी चिंता
मार्च 2026 की तिमाही में हुआ बड़ा नेट लॉस निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। यह जानना अहम होगा कि क्या यह घाटा सिर्फ प्लांट शिफ्टिंग का एकमुश्त खर्च है या फिर नए Gummudipoondi प्लांट में लगातार ऑपरेशनल दिक्कतों का संकेत है।
नजर रखने योग्य बातें
आने वाली तिमाहियों में Bharat Textiles के प्रदर्शन पर बारीकी से नजर रखनी होगी। Gummudipoondi प्लांट की वजह से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर क्या असर पड़ता है, यह समझना महत्वपूर्ण होगा। Q4 के नुकसान की असल वजह का पता लगाना अहम होगा।
