Bharat Road Network Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कमजोर नतीजे जारी किए हैं। कंपनी को **₹59.13 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल कंपनी मुनाफे में थी। इनसॉल्वेंसी की कार्यवाही और कर्ज के संकट के बीच ऑडिटर्स ने भी कंपनी के कामकाज को लेकर चिंता जताई है।
भारी गिरावट के पीछे की वजह
Bharat Road Network के नतीजों में आई गिरावट की मुख्य वजह Solapur Tollways Pvt. Ltd. का कंसोलिडेशन से बाहर होना है। यह सब्सिडियरी कंपनी दिसंबर 2024 से कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है। इसी के कारण कंपनी का रेवेन्यू भी घटकर ₹154.30 करोड़ पर आ गया है, जो पिछले साल ₹480.01 करोड़ था। कंपनी के बोर्ड ने इस साल किसी भी तरह के डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor Observation)
स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स, S S Kothari Mehta & Co. LLP ने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दी है। ऑडिटर्स का कहना है कि कंपनी की देनदारियों और नुकसान के आंकड़ों को कम करके दिखाया गया है। साथ ही, कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट होने के कारण ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (लगातार चलते रहने) की क्षमता पर भी गंभीर संदेह जताया है।
राहत की खबर और आगे की राह
बुरी खबरों के बीच, कंपनी की सब्सिडियरी Orissa Steel Expressway Private Limited (OSEPL) के लिए एक राहत भरी खबर आई है। इसे National Highways Authority of India (NHAI) के साथ कानूनी विवाद निपटारे में ₹391.67 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है।
अब निवेशकों की नजरें 30 सितंबर 2026 को होने वाली 19वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं। यहां मैनेजमेंट कर्ज को रिस्ट्रक्चर करने और कंपनी के भविष्य के प्लान पर क्या स्टैंड लेता है, यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा।
