Bharat Forge ने Q2 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें स्टैंडअलोन रेवेन्यू में **30%** की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है। कंपनी के पास **₹10,950 करोड़** का भारी-भरकम डिफेंस ऑर्डर बुक है, जो लंबी अवधि के लिए रेवेन्यू की गारंटी देता है।
मुनाफे और प्रदर्शन पर एक नजर
Bharat Forge ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹2,526 करोड़ रहा, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,870 करोड़ तक पहुंच गया। मार्जिन की बात करें तो स्टैंडअलोन EBITDA मार्जिन 25.9% और कंसोलिडेटेड मार्जिन 16% पर रहा।
डिफेंस सेक्टर बना ग्रोथ का इंजन
कंपनी के लिए सबसे बड़ी खबर ₹10,950 करोड़ का अन-एग्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक है। खास बात यह है कि कंपनी को ATAGS प्रोग्राम के लिए बल्क प्रोडक्शन की मंजूरी मिल गई है, जिसकी डिलीवरी Q1 FY28 से शुरू हो जाएगी। यह आने वाले 4 साल के लिए कंपनी की कमाई में स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
बारामती में हो रहा बड़ा विस्तार
Bharat Forge बारामती में ₹1,300 करोड़ का बड़ा निवेश कर रही है। इस ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन के जरिए कंपनी अपनी फोर्जिंग क्षमता में 1,00,000 टन का इजाफा करेगी। मार्च 2027 तिमाही तक यहां प्रोडक्शन ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है।
अमेरिकी कारोबार की चिंताएं
जहां भारत में बिजनेस चमक रहा है, वहीं अमेरिकी सब्सिडियरी ने निवेशकों को थोड़ा परेशान किया है। तकनीकी खराबी और लागत बढ़ने के कारण अमेरिकी इकाई का EBITDA ₹6.7 करोड़ नेगेटिव रहा है। मैनेजमेंट ने दिसंबर 2026 तक इस इकाई को ब्रेक-ईवन (लाभ-हानि के स्तर) पर लाने का लक्ष्य रखा है।
आगे क्या होगा?
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि दूसरी छमाही (H2) और भी बेहतर रहेगी। कंपनी का लक्ष्य अगले साल तक भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेल्स को ₹5,000 करोड़ के पार ले जाना और मार्जिन को 200-250 बेसिस पॉइंट्स तक बढ़ाना है। साथ ही, कंपनी अपने सेमीकंडक्टर वेंचर पर भी जोर दे रही है।
