Bharat Forge ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **₹1,089.4 करोड़** रहा है, जबकि रेवेन्यू **₹16,811.7 करोड़** तक पहुंच गया है। अब कंपनी अपनी पुरानी छवि से निकलकर 'Bharat Forge 2.0' रणनीति पर काम कर रही है।
डिफेंस सेक्टर बना कंपनी का पावरहाउस
Bharat Forge अब केवल ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स तक सीमित नहीं है। कंपनी ने डिफेंस सेक्टर में अपनी धाक जमा ली है, जिसकी गवाही ₹11,196.7 करोड़ की तगड़ी ऑर्डर बुक दे रही है। कंपनी आर्टिलरी, नेवल सिस्टम्स और कॉम्बैट व्हीकल्स की प्रमुख सप्लायर बन गई है।
'Bharat Forge 2.0' का ब्लूप्रिंट
कंपनी ने अपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए ₹1,800 करोड़ के ग्रोथ केपेक्स (Capex) का प्लान तैयार किया है। इस रकम को सेमीकंडक्टर्स, एयरोस्पेस और डेटा सेंटर्स जैसे नए और हाई-टेक क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इससे कंपनी ऑटोमोबाइल सेक्टर के साइक्लिकल (Cyclical) उतार-चढ़ाव से खुद को दूर कर पाएगी।
एक नजर पुराने फैसलों पर
हाल के वर्षों में कंपनी ने JS Auto Cast और K Drive Mobility जैसी रणनीतिक कंपनियों का अधिग्रहण किया है। Fortuna Engineering में हिस्सेदारी खरीदने के बाद, कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में और भी मजबूती आई है, जो अब उनके काम आ रही है।
इन जोखिमों पर रखें नजर
निवेशकों को कंपनी के एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। ₹1,800 करोड़ का जो केपेक्स प्लान है, अगर उसमें देरी होती है या सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर सेगमेंट से रिटर्न उम्मीद के मुताबिक नहीं मिला, तो मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। साथ ही, डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स में जियोपॉलिटिकल (Geopolitical) रिस्क हमेशा बना रहता है।
