Bhagawati Oxygen Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार वापसी की है। कंपनी ने **₹3.27 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के नुकसान के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, सेबी (SEBI) के नियमों के अनुपालन न होने से निवेशकों के लिए एक चेतावनी भी बनी हुई है।
मुनाफे में कैसे आई कंपनी?
कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में जो कंपनी ₹0.45 करोड़ के घाटे में थी, उसने इस साल ₹3.27 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया है। कंपनी की कुल इनकम में भी भारी उछाल आया है और यह ₹5.17 करोड़ पर पहुंच गई है, जबकि पिछले साल यह महज ₹1.68 करोड़ थी। इस तेजी की बड़ी वजह ₹3.51 करोड़ का आर्बिट्रेशन सेटलमेंट (Arbitration Settlement) रहा है। कंपनी के बोर्ड ने फिलहाल डिविडेंड न देने का फैसला लिया है ताकि कैश को कंपनी के विस्तार और लिक्विडिटी के लिए इस्तेमाल किया जा सके।
SEBI नियमों पर सवाल
मुनाफे की खुशी के बीच कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है। सेक्रेटेरियल ऑडिट में यह खुलासा हुआ है कि कंपनी SEBI (LODR) रेगुलेशन 31(2) का पालन करने में विफल रही है। इसके तहत प्रमोटर्स को अपनी 100% हिस्सेदारी को डीमैट फॉर्म में रखना जरूरी है, जिसे कंपनी अब तक पूरा नहीं कर सकी है।
आगे क्या?
Rekha Goenka & Associates द्वारा किए गए ऑडिट में इस चूक का जिक्र किया गया है। मैनेजमेंट ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में कंप्लायंस प्रोटोकॉल को सख्त करने का आश्वासन दिया है। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी की अगली तिमाही की फाइलिंग पर नजर रखें, ताकि यह पता चल सके कि क्या कंपनी ने सेबी की शर्तों को पूरा कर लिया है और क्या उनका मुख्य बिजनेस (गैस और पावर सेगमेंट) सेटलमेंट के बिना भी स्थिर मुनाफा दे पाएगा। कंपनी की सालाना आम बैठक (AGM) 28 सितंबर, 2026 को तय की गई है।
