कैसे हुआ यह मुनाफा?
Bhagawati Oxygen Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने Q4 में ₹3.26 करोड़ का नेट प्रॉफिट दिखाया है, जो पिछली तिमाही के ₹0.076 करोड़ के नेट लॉस की तुलना में काफी बेहतर है। वहीं, पूरे वित्त वर्ष (FY26) में कंपनी का कुल नेट प्रॉफिट ₹3.27 करोड़ रहा।
क्यों है यह खबर अहम?
इस मुनाफे का मुख्य कारण 'अन्य आय' (Other Income) के तहत ₹3.81 करोड़ की राशि है। इसमें आर्बिट्रेशन से मिली आय और 'विवाद से विश्वास II' स्कीम के तहत हुए सेटलमेंट का बड़ा हिस्सा शामिल है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी का मुख्य व्यवसाय, गैस प्लांट, अक्टूबर 2021 से बंद है। यह तब बंद हुआ जब Hindustan Copper Ltd (HCL) के साथ कंपनी का गैस सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया और उसे रिन्यू नहीं किया गया।
पूरी कहानी क्या है?
गैस प्लांट बंद होने का असर Bhagawati Oxygen के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर साफ दिख रहा है। मौजूदा प्रॉफिट सीधे तौर पर HCL के साथ न्यूनतम ऑफटेक गारंटी (minimum offtake guarantees) को लेकर चल रही आर्बिट्रेशन प्रोसीडिंग्स से जुड़ा है। कंपनी ने इन कांट्रैक्ट डिस्प्यूट्स को सुलझाने के लिए 'विवाद से विश्वास II' स्कीम में सक्रिय रूप से भाग लिया है।
अब आगे क्या?
भले ही नतीजे पॉजिटिव नेट प्रॉफिट दिखा रहे हों, यह कंपनी की नॉन-ऑपरेशनल इनकम पर निर्भरता को दर्शाता है। कंपनी विवादों के निपटारे को लेकर सक्रिय है, जिससे कुछ लिक्विडिटी (liquidity) मिल सकती है। लेकिन, कोर बिजनेस के एक्टिव न होने के कारण, भविष्य की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी (financial stability) इन लीगल और आर्बिट्रेशन मामलों के सफल समाधान पर टिकी हुई है।
जोखिम क्या हैं?
सबसे बड़ा जोखिम कंपनी के बिजनेस मॉडल का एक्टिव ऑपरेशनल न होना है, क्योंकि गैस प्लांट बंद है। कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पूरी तरह से आर्बिट्रेशन और 'विवाद से विश्वास II' सेटलमेंट के नतीजों पर निर्भर करती है, जिससे भविष्य की कमाई अनिश्चित बनी हुई है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को 'विवाद से विश्वास II' सेटलमेंट की प्रगति और फाइनलाइजेशन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, Hindustan Copper Ltd के साथ आर्बिट्रेशन प्रोसीडिंग्स में किसी भी नए डेवलपमेंट पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। नए बिजनेस मॉडल या ऑपरेशनल रिवाइवल से जुड़ी किसी भी खबर पर भी नजर रहेगी।
