Bedmutha Industries ने FY 2025-26 के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **39.78%** की बढ़ोतरी के साथ **₹1,466.74 करोड़** का आंकड़ा पार किया है। हालांकि, सरकारी सब्सिडी न मिलने के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट **71.57%** घटकर **₹7.05 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में गिरावट की असली वजह
कंपनी के शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिखा है। इसका सबसे मुख्य कारण पिछले साल मिली 'इंडस्ट्रियल प्रमोशन सब्सिडी' का बंद होना है, जो पिछले साल कंपनी को ₹34.73 करोड़ का फायदा दे रही थी। इसके अलावा, फाइनेंस कॉस्ट में 21.12% की बढ़ोतरी होकर यह ₹43.48 करोड़ तक पहुंच गई, जिसने मुनाफे पर सीधा असर डाला।
प्रोडक्शन का दम
मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी का ऑपरेशनल लेवल मजबूत बना हुआ है। कुल प्रोडक्शन वॉल्यूम में 21.03% का उछाल आया है, जो 52,867.82 MT दर्ज किया गया। इसमें स्टील सेगमेंट का आउटपुट 20.55% बढ़कर 44,713.62 MT और कॉपर सेगमेंट का प्रोडक्शन 23.75% बढ़कर 8,154.20 MT रहा।
आगे की रणनीति
कंपनी फिलहाल महाराष्ट्र सरकार की इंसेंटिव स्कीम के तहत एक मेगा-प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। मैनेजमेंट के अनुसार, पहले फेज का काम पूरा होने वाला है और दूसरा फेज मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। कंपनी का फोकस हाई-मार्जिन वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर शिफ्ट होने का है, जिससे FY 2027-28 तक वित्तीय नतीजों में सुधार की उम्मीद है।
कॉरपोरेट हलचल
आने वाली एजीएम (AGM) में शेयरहोल्डर्स से चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर्स की सालाना सैलरी को ₹90 लाख और सीनियर सीईओ की सैलरी को ₹75 लाख तक बढ़ाने के लिए मंजूरी मांगी जाएगी। इसके अलावा, ₹350 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस के लिए भी निवेशकों की मुहर का इंतजार है।
