Baroda Extrusion ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में बेहतरीन परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹3.54 करोड़** हो गया है, लेकिन इन्वेंट्री बढ़ने के कारण ऑपरेटिंग कैश फ्लो पर दबाव साफ दिख रहा है।
मुनाफे में जबरदस्त उछाल
Baroda Extrusion ने सितंबर तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने 183% का जोरदार सालाना इजाफा दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹44.20 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹63.99 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट जो पिछले साल ₹1.25 करोड़ था, वह अब ₹3.54 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का EPS भी ₹0.08 से बढ़कर ₹0.18 हो गया है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है।
कैश फ्लो पर क्यों है चिंता?
नतीजे तो मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन बैलेंस शीट में एक चिंताजनक पहलू भी है। कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव होकर ₹2.62 करोड़ पर आ गया है। इसकी मुख्य वजह कंपनी की इन्वेंट्री (स्टॉक) का बढ़ना है, जो मार्च के ₹25.76 करोड़ से बढ़कर ₹33.47 करोड़ हो गई है।
कर्ज और लिक्विडिटी का गणित
निवेशकों को अब कंपनी के डेट लेवल पर नजर रखनी होगी। कंपनी का नॉन-करंट डेट बढ़कर ₹4.45 करोड़ हो गया है, जो मार्च में महज ₹1.60 करोड़ था। आने वाले समय में यह देखना होगा कि क्या कंपनी अपनी इन्वेंट्री को तेजी से बेचकर कैश फ्लो को सुधार पाती है या वर्किंग कैपिटल पर दबाव और बढ़ता है।
