Baroda Extrusion: मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव, रेवेन्यू में दिखी उछाल लेकिन मुनाफे में आई गिरावट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Baroda Extrusion: मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव, रेवेन्यू में दिखी उछाल लेकिन मुनाफे में आई गिरावट

Baroda Extrusion Ltd का FY26 रेवेन्यू बढ़कर **₹182.51 करोड़** पहुंच गया है। कंपनी में अब नई लीडरशिप की कमान अल्पेश कानूगो के हाथों में है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में इंटरनल कंट्रोल्स को लेकर उठाए गए सवालों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹159.05 करोड़ से बढ़कर ₹182.51 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कंपनी की बढ़ती डिमांड को दिखाता है। हालांकि, नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा है, जो पिछले साल के ₹19.72 करोड़ से गिरकर इस साल ₹7.33 करोड़ पर सिमट गया है। कंपनी का EPS (Earnings Per Share) इस साल 0.42 रुपये दर्ज किया गया है।

बड़े बदलाव और नेतृत्व का संकट

संस्थापक पारसमल कानूगो के निधन के बाद कंपनी एक बड़े दौर से गुजर रही है। अब अल्पेश कानूगो को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर और CFO नियुक्त किया गया है। कंपनी ने अपनी विस्तार योजनाओं के तहत बोरिंग लिमिट (Borrowing Limit) को बढ़ाकर ₹200 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।

ऑडिट और गवर्नेंस पर उठे सवाल

निवेशकों के लिए एक जरूरी अलर्ट यह है कि स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने कंपनी के इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल्स पर 'क्वालीफाइड ओपिनियन' जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ICAI के नियमों के मुताबिक कुछ इंटरनल कंट्रोल्स पूरी तरह लागू नहीं थे। कंपनी ने इन कमियों को स्वीकार करते हुए इन्हें सुधारने का वादा किया है।

ऑपरेशनल अपडेट

कंपनी का वड़ोदरा स्थित प्लांट 3,600 MT सालाना क्षमता के साथ काम कर रहा है, जो अभी 80% यूटिलाइजेशन पर है। फिलहाल कंपनी कोई सब्सिडियरी या जॉइंट वेंचर नहीं चलाती है और पूरी तरह से स्टैंडअलोन मोड में काम कर रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.