Barak Valley Cements के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **₹5.17 करोड़** से लुढ़ककर महज **₹0.29 करोड़** रह गया है, जिसके पीछे कच्चा माल और ट्रांसपोर्टेशन की बढ़ती लागत मुख्य वजह रही है।
मुनाफे पर दबाव की असल वजह
कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे निराशाजनक रहे हैं। हालांकि स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 2.27% की मामूली बढ़त देखी गई और यह ₹211.71 करोड़ तक पहुंच गया, लेकिन ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर गहरा असर पड़ा है। स्टैंडअलोन प्रॉफिट भी ₹8.07 करोड़ से घटकर ₹4.96 करोड़ पर आ गया है।
AGM में क्या होगा अहम?
कंपनी ने अपनी 27वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 के लिए तय की है। इसमें कई बड़े एजेंडे हैं:
- रिलेटेड-पार्टी ट्रांजेक्शन: North East Power and Infra Ltd (NEPIL) के साथ किए गए ट्रांजेक्शन तय सीमा से अधिक होने के कारण शेयरधारकों से मंजूरी ली जाएगी। भविष्य के लिए ₹30 करोड़ तक की लिमिट तय करने का प्रस्ताव है।
- लीडरशिप: मिस्टर कामाख्या चमारिया (Kamakhya Chamaria) की मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर 5 साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्ति की जाएगी।
CRISIL की चेतावनी और रिस्क
निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय रेटिंग एजेंसी CRISIL का रुख है। एजेंसी ने कंपनी की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को घटाकर 'CRISIL BB /Stable' कर दिया है और इसे 'ISSUER NOT COOPERATING' की कैटेगरी में रखा है। यह दर्शाता है कि कंपनी समय पर रेटिंग एजेंसी को डेटा उपलब्ध नहीं करा पा रही है, जिससे भविष्य में कर्ज लेने की लागत बढ़ सकती है।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में हुई देरी के लिए छोटी पेनल्टी भी भरी है और कहा है कि अब वे अपनी इंटरनल प्रोसेस को और बेहतर बना रहे हैं ताकि आगे ऐसी गलतियां न हों। निवेशकों को अब AGM के नतीजों और मैनेजमेंट द्वारा लागत कम करने के उपायों पर नजर रखनी चाहिए।
