Bansal Wire Industries Limited की 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) संपन्न हो गई है। कंपनी ने अपने सभी **6** प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी दिला दी है, जिसमें शेयरों की सब-डिवीजन यानी 'शेयर स्प्लिट' का अहम फैसला भी शामिल है।
क्या है बड़ा फैसला?
कंपनी ने 17 सितंबर, 2026 को अपनी 41वीं AGM आयोजित की थी। रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि अब कंपनी के शेयरों का स्प्लिट (सब-डिवीजन) आधिकारिक तौर पर पास हो गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार में स्टॉक की लिक्विडिटी को बढ़ाना और शेयरों को छोटे निवेशकों के लिए अधिक किफायती (Affordable) बनाना है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
सिर्फ शेयर स्प्लिट ही नहीं, कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए अहम नियुक्तियां भी की हैं:
- Shri Ramesh Kumar Choubey: इन्हें 5 साल के कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है।
- Shri Arun Gupta: इनकी फिर से नियुक्ति हुई है, जिससे लीडरशिप में निरंतरता बनी रहेगी।
- FY 2026-27: कॉस्ट ऑडिटर की नियुक्ति को भी हरी झंडी मिल गई है।
अब आगे क्या?
शेयरधारकों की मंजूरी के बाद, कंपनी अब तकनीकी प्रक्रियाओं पर काम करेगी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण 'रिकॉर्ड डेट' (Record Date) का ऐलान होना बाकी है, जो यह तय करेगा कि किन निवेशकों को इस स्प्लिट का लाभ मिलेगा। निवेशकों को अब कंपनी के BSE पोर्टल पर आने वाली अगली फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए।
निवेशकों के लिए सावधानी
निवेशकों को सलाह है कि वे रेगुलेटरी औपचारिकताओं में होने वाली किसी भी संभावित देरी पर नजर रखें। साथ ही, शेयर स्प्लिट के बाद अक्सर स्टॉक में शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी (Volatility) देखी जाती है, इसलिए सावधानी के साथ निवेश बनाए रखें।
