Bansal Wire Industries की 41वीं AGM में शेयरधारकों ने शेयर स्प्लिट (Share Split) और कैपिटल क्लॉज में बदलाव को मंजूरी दे दी है। साथ ही, कंपनी ने नए स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) की नियुक्ति पर भी मुहर लगाई है।
AGM के मुख्य प्रस्तावों पर मुहर
17 सितंबर, 2026 को आयोजित हुई Bansal Wire Industries की 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में 72 सदस्य शामिल हुए। मुख्य फैसलों में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को स्वीकार करना शामिल है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
कंपनी ने अपनी गवर्नेंस को और मजबूत बनाने के लिए अरुण गुप्ता को निदेशक के रूप में फिर से नियुक्त किया है। इसके साथ ही, रमेश कुमार चौबे को 5 साल के कार्यकाल के लिए स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। साथ ही, M/s. Ashish & Associates को कॉस्ट ऑडिटर्स के तौर पर मंजूरी दी गई है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
शेयर स्प्लिट का फैसला रिटेल निवेशकों के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे शेयर में लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ने की उम्मीद है। CEO प्रणव बंसल ने स्पष्ट किया है कि कंपनी का फोकस अब ऑपरेशनल एफिशिएंसी, प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन और सस्टेनेबिलिटी पर है, ताकि कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को और बेहतर बनाया जा सके।
अब आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा शेयर स्प्लिट के लिए घोषित की जाने वाली रिकॉर्ड डेट (Record Date) और अन्य जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का इंतजार रहेगा।
