Bansal Wire Industries ने अपनी 41वीं AGM में दमदार प्रदर्शन पेश किया है। कंपनी का रेवेन्यू **19%** उछलकर **₹4,160 करोड़** पहुंच गया है और अब मैनेजमेंट ने शेयर स्प्लिट (Share Split) का प्रस्ताव रखा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए FY26 में रेवेन्यू में 19% की सालाना ग्रोथ दर्ज की है, जो ₹4,160 करोड़ रही। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹161 करोड़ पर पहुंच गया है। इसके अलावा, EBITDA में 17% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹324 करोड़ दर्ज किया गया। ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी ने 4,58,000 टन का रिकॉर्ड प्रोडक्शन हासिल किया है।
क्यों खास है यह खबर?
Bansal Wire का कैश जनरेशन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है। कंपनी ने ₹250 करोड़ के टारगेट के मुकाबले ₹330 करोड़ का कैश फ्लो जेनरेट किया। इसी मजबूती के चलते मैनेजमेंट ने FY26-FY27 के लिए कैश फ्लो टारगेट को बढ़ाकर ₹800 करोड़ कर दिया है। साथ ही, शेयर स्प्लिट का प्रस्ताव रिटेल निवेशकों की भागीदारी और लिक्विडिटी बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया है।
ऑपरेशंस और फ्यूचर प्लान
दादरी फैसिलिटी के विस्तार के बाद अब कंपनी की कुल क्षमता 6,80,000 टन हो गई है। अभी यूटिलाइजेशन लगभग 70% है, जिसे कंपनी 85-90% तक ले जाने की तैयारी में है। कंपनी अब हाई-मार्जिन वाले स्पेशलिटी वायर, जैसे ब्रास-कोटेड होज वायर और स्टील कॉर्ड पर फोकस कर रही है, जो ग्लोबल टायर कंपनियों के लिए अहम हैं।
जोखिम और रणनीति
कंपनी का 'कॉस्ट-प्लस' बिजनेस मॉडल कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान करता है। हालांकि, निवेशकों को टायर कॉर्ड के कमर्शियलाइजेशन और नई सुविधाओं पर मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए।
