Bandaram Pharma Packtech ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। स्टैंडअलोन लेवल पर कंपनी को **₹41.04 लाख** का घाटा हुआ है, लेकिन सब्सिडियरीज की बदौलत कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **₹18.61 लाख** रहा है।
मुनाफे और नुकसान का गणित
कंपनी ने सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी ने ₹2,145.02 लाख के रेवेन्यू के साथ ₹18.61 लाख का मुनाफा कमाया है। वहीं दूसरी तरफ, स्टैंडअलोन एंटिटी की तस्वीर कुछ अलग है, जहाँ ₹236.61 लाख के रेवेन्यू पर कंपनी को ₹41.04 लाख का नेट लॉस हुआ है।
क्यों अहम हैं ये नतीजे?
यह रिपोर्ट दिखाती है कि ग्रुप का ओवरऑल प्रॉफिट पूरी तरह से इसकी सब्सिडियरीज—VSR Paper and Packaging (51.08% हिस्सेदारी) और Craftsmart Products Private Limited (100% हिस्सेदारी) पर निर्भर है। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि पैरेंट कंपनी का प्रदर्शन अभी भी दबाव में है।
परफॉर्मेंस का ट्रेंड
पिछले साल की इसी तिमाही के ₹6.03 लाख के मुनाफे के मुकाबले कंसोलिडेटेड लेवल पर सुधार तो दिखा है, लेकिन पिछली तिमाही (जून 2026) के ₹68.44 लाख के मुनाफे के मुकाबले इसमें गिरावट आई है। वहीं, स्टैंडअलोन लॉस पिछले साल के ₹34.78 लाख से बढ़कर इस बार ₹41.04 लाख पर पहुंच गया है, जो चिंता का विषय है।
आगे क्या नजर रखें?
शेयरहोल्डर्स को यह देखना होगा कि मैनेजमेंट पैरेंट कंपनी के ऑपरेशंस को कैसे सुधारता है। चूंकि कंपनी Ind AS-108 के तहत सेगमेंट-वाइज डेटा नहीं देती है, इसलिए सब्सिडियरीज के ग्रोथ ड्राइवर्स पर नजर रखना ही ग्रुप की हेल्थ समझने का सबसे बेहतर तरीका है।
