Balmer Lawrie & Company का प्रदर्शन सितंबर **2026** तिमाही में शानदार रहा है, जहां कंपनी का नेट प्रॉफिट **39.6%** उछलकर **₹67.66 करोड़** पहुंच गया है। हालांकि, बोर्ड में अनिवार्य 'Woman Director' की नियुक्ति न होने पर सवाल खड़े हो गए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
मुनाफे में दमदार रफ्तार
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल नतीजों में जबरदस्त सुधार दिखाया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट ₹48.48 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹67.66 करोड़ हो गया है। वहीं, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर ₹629.92 करोड़ से बढ़कर ₹800.38 करोड़ पर पहुंच गया है।
गवर्नेंस पर सवाल
शानदार नतीजों के बावजूद, कंपनी के लिए एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। स्टेट्यूटरी ऑडिटर 'Gopal Sharma & Co.' ने अपनी रिपोर्ट में 'Qualified Observation' दी है। ऑडिटर के मुताबिक, कंपनी ने 'Companies Act, 2013' के सेक्शन 149(1) के तहत अनिवार्य 'Woman Director' की नियुक्ति नहीं की है। यह गवर्नेंस गैप भविष्य में रेगुलेटरी जांच का कारण बन सकता है।
सब्सिडियरी और जॉइंट वेंचर का हाल
कंपनी ने अपनी इंडोनेशियाई जॉइंट वेंचर 'PT Balmer Lawrie Indonesia' में निवेश की वैल्यू को 'Nil' (शून्य) दिखाया है, क्योंकि ₹57.40 करोड़ के घाटे ने ₹10.27 करोड़ के शुरुआती निवेश को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इसके अलावा, 'Vishakhapatnam Port Logistics Park Limited' के नतीजों का रिव्यू नहीं हो सका है।
नए ऑडिटर्स की नियुक्ति
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी ने नए ऑडिटर्स को नियुक्त किया है। इसमें 'Gopal Sharma & Co.' को स्टेट्यूटरी ऑडिटर और 'N P V & Associates LLP' व 'S N R & Company' को विभिन्न रीजन के लिए ब्रांच ऑडिटर के तौर पर चुना गया है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि बोर्ड 'Woman Director' की नियुक्ति की कानूनी अनिवार्यता को कब पूरा करता है।
