Balmer Lawrie & Co. Ltd. ने अपनी 109वीं AGM में प्रति शेयर **₹4.25** के डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी ने **₹270.32 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन साथ ही अपने घाटे में चल रहे ROFS सेगमेंट को बंद करने का फैसला लिया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और डिविडेंड
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का नेट टर्नओवर बढ़कर ₹2,717.00 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹2,515.64 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹259.27 करोड़ से बढ़कर ₹270.32 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹4.25 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।
क्यों बंद हो रहा है ROFS बिजनेस?
Balmer Lawrie ने अपने 'रिफाइनरी एंड ऑयल फील्ड सर्विसेज' (ROFS) सेगमेंट को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि यह यूनिट लगातार घाटे में चल रही थी और बाजार में बढ़ते कंपटीशन के कारण इसे आगे चलाना संभव नहीं था। अब कंपनी अपना ध्यान इंडस्ट्रियल पैकेजिंग और केमिकल मैन्युफैक्चरिंग जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स पर केंद्रित करेगी।
ऑडिटर्स की चिंताएं और गवर्नेंस
कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के आंतरिक नियंत्रण (Internal Financial Controls) पर कुछ सवाल उठाए हैं, जिसमें ग्राहकों और वेंडर्स के साथ रिकॉन्सिलिएशन (reconciliation) में देरी देखी गई है। इसके अलावा, Greases & Lubricants डिवीजन में डिजिटल लॉयल्टी कूपन के अनधिकृत उपयोग का मामला सामने आया है, जिसमें करीब ₹16.56 लाख की हेराफेरी का अंदेशा है। कंपनी ने इस पर जांच बिठा दी है और कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
आगे का रास्ता
मैनेजमेंट ने टेक्नोलॉजी के जरिए अपने इंटरनल कंट्रोल्स को मजबूत करने का वादा किया है। कंपनी का फोकस अब PM Gati Shakti जैसी राष्ट्रीय परियोजनाओं और घरेलू मांग का फायदा उठाने पर है। 21 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में डिविडेंड और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बदलाव पर अंतिम मुहर लगेगी।
