Balkrishna Paper Mills के लिए FY26 का फाइनेंशियल ईयर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी को **₹6.51 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जिसके बाद ऑडीटर ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फाइनेंशियल सेहत पर मंडराया संकट
Balkrishna Paper Mills के हालिया नतीजों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹8.18 करोड़ का मुनाफा कमाया था, जो अब घटकर ₹6.51 करोड़ के नेट लॉस में तब्दील हो गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि कंपनी का नेट वर्थ ₹175.44 करोड़ निगेटिव हो चुका है, जिसके चलते इंडिपेंडेंट ऑडीटर ने 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion) जारी किया है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
कंपनी ने नवंबर 2024 में अपने मुख्य पेपर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (Ambivali factory) को बंद करने का फैसला किया था। मैनेजमेंट के अनुसार, पुराने असेट्स और भारी कैपिटल की जरूरतों के कारण यह कदम उठाना पड़ा। अब कंपनी अपने कारोबार को प्लास्टिक और पैकेजिंग ट्रेडिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट सेक्टर की ओर ले जाने की कोशिश कर रही है।
AGM और मैनेजमेंट का रुख
कंपनी ने अपनी 13वीं सालाना आम बैठक (18 सितंबर, 2026) बुलाई है। इसमें चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराग पी. पोद्दार, सीएफओ मनीष मलपानी और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डॉ. मंगेश डी. तेली की नियुक्ति पर मुहर लगाई जाएगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
मौजूदा स्थिति को देखते हुए, ऑडीटर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कंपनी का भविष्य अनिश्चित है। रियल एस्टेट और ट्रेडिंग के नए वेंचर्स से कंपनी कितनी जल्दी और कितना कैश फ्लो जेनरेट कर पाती है, इसी पर कंपनी की आर्थिक स्थिरता निर्भर करेगी।
