Bajel Projects का शानदार प्रदर्शन, रिकॉर्ड पहला डिविडेंड
Bajel Projects ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू (Revenue) दोनों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। इस बार कंपनी ने एक बड़ा कारनामा करते हुए अपने निवेशकों के लिए पहली बार डिविडेंड (Dividend) देने का ऐलान किया है।
FY26 के मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): पिछले साल के ₹15 करोड़ की तुलना में इस साल 74% बढ़कर ₹27 करोड़ रहा।
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations): पिछले साल के ₹2,598 करोड़ से बढ़कर ₹2,792 करोड़ हो गया।
- चौथी तिमाही (Q4 FY26) का PAT: पिछले साल की इसी तिमाही के ₹5 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹16 करोड़ रहा।
- EBITDA: पिछले साल के ₹90 करोड़ से बढ़कर ₹125 करोड़ हो गया।
- EBITDA मार्जिन: पिछले साल के 3.4% से सुधरकर 4.4% हो गया।
पहली बार डिविडेंड का ऐलान
Bajel Projects ने FY26 के लिए ₹0.60 प्रति इक्विटी शेयर का पहला डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है और निवेशकों को वैल्यू वापस लौटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रणनीतिक ग्रोथ से मिले बेहतर नतीजे
कंपनी के शानदार वित्तीय प्रदर्शन का श्रेय 'क्वालिटी ऑफ अर्निंग्स' पर इसके रणनीतिक फोकस और हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स के सफल क्रियान्वयन को दिया जा रहा है। Bajel Projects ने MSETCL, विंध्याचल पूल प्रोजेक्ट (Vindhyachal Pool project) के लिए महत्वपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं, साथ ही मंदसौर-ब्यावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट (Mandsaur-Beawar transmission project) पर भी काम किया है।
इसके अलावा, कंपनी ने रणनीतिक पार्टनरशिप भी स्थापित की हैं, जिनमें सऊदी अरब में अल शरीफ ग्रुप (Al Sharif Group) के साथ 50:50 का ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) और ट्रांसमिशन एसेट्स विकसित करने के लिए NIIF और अनंतग्रिड (AnantGrid) के साथ हुए समझौते शामिल हैं। इन पहलों से रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेशनल विस्तार में मदद मिल रही है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
प्रस्तावित पहला डिविडेंड, कंपनी के मैनेजमेंट के वित्तीय स्थिरता और भविष्य की कैश फ्लो जनरेशन में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। उम्मीद है कि Bajel Projects चुनिंदा प्रोजेक्ट्स पर फोकस और मार्जिन सुधार के जरिए मुनाफे वाली ग्रोथ जारी रखेगी। नई रणनीतिक पार्टनरशिप का सफल एकीकरण और बड़े ऑर्डरों का समय पर पूरा होना अगले वित्तीय वर्ष में देखने लायक प्रमुख कारक होंगे।
