Bajel Projects: कंपनी को मिला अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर, ₹1,500 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट से चमकी किस्मत

INDUSTRIAL-GOODSSERVICES
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bajel Projects: कंपनी को मिला अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर, ₹1,500 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट से चमकी किस्मत

Bajel Projects ने Lakadia A Power Transmission से **₹1,500 करोड़** का अपना अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर हासिल किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी गुजरात में **270 किमी** लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाएगी, जो रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के लिए बेहद अहम है।

बड़े ऑर्डर की डिटेल्स

Bajel Projects को मिले इस बड़े कॉन्ट्रैक्ट की कुल वैल्यू GST सहित ₹1,500 करोड़ है। कंपनी को यह प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए 36 महीने का समय दिया गया है। इस काम में 270 किमी की 765 kV डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है, जो हल्वद से वडोदरा को जोड़ेगी। इसके अलावा, हल्वद, वडोदरा और साउथ ओलपाड सबस्टेशन के अपग्रेडेशन का काम भी कंपनी ही करेगी।

क्यों है यह कंपनी के लिए खास?

यह प्रोजेक्ट गुजरात में 14 GW रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के इवैक्युएशन (evacuation) के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। खास बात यह है कि Bajel Projects इसमें केवल EPC कॉन्ट्रैक्टर नहीं, बल्कि एक हिस्सेदार (stakeholder) की भूमिका में भी है। कंपनी की इस जॉइंट वेंचर (JV) में 26% हिस्सेदारी है।

रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें

चूंकि यह 3 साल का लंबा प्रोजेक्ट है, इसलिए निवेशकों को एग्जीक्यूशन रिस्क पर नजर रखनी चाहिए। जमीन अधिग्रहण (land acquisition) और रेगुलेटरी क्लियरेंस में देरी कंपनी के रेवेन्यू पर असर डाल सकती है। मैनेजमेंट अपनी मार्जिन को कैसे मेंटेन करता है, यह आने वाली तिमाही नतीजों में देखना दिलचस्प होगा।

जॉइंट वेंचर का गणित

इस प्रोजेक्ट की क्लाइंट 'Lakadia A Power Transmission' का स्वामित्व 'AnantGrid Projects One Private Limited' (AGPOPL) के पास है। इसमें Bajel Projects की 26% हिस्सेदारी है, जबकि नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) की 74% हिस्सेदारी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.