BWL Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के लिए **₹42.07 लाख** के नेट लॉस की रिपोर्ट दी है, जबकि पिछले साल कंपनी **₹246.23 लाख** के प्रॉफिट में थी। कंपनी 2008 से बंद पड़ी है और भारी कंप्लायंस गैप व कानूनी विवादों से जूझ रही है।
बिगड़ी आर्थिक स्थिति
कंपनी के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, BWL Ltd का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है। जहां पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹246.23 लाख का मुनाफा कमाया था, वहीं अब कंपनी ₹42.07 लाख के नुकसान में आ गई है। कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी गिरकर -0.60 रुपये पर आ गया है, जो पिछले साल 3.53 रुपये था। कंपनी का टर्नओवर दोनों ही सालों में शून्य रहा है।
ऑपरेशंस और भविष्य की चुनौतियां
साल 2008 से ही कंपनी का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ा है। फिलहाल मैनेजमेंट भिलाई में जमीन के लीज अधिकारों के हस्तांतरण के बाद यूनिट को रिलोकेट करके नई प्रोडक्ट लाइन के जरिए काम शुरू करने की संभावना देख रहा है। हालांकि, रीस्टार्ट के लिए अभी तक कोई समय-सीमा तय नहीं है। कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है, जिससे नई शुरुआत की राह और मुश्किल हो गई है।
गवर्नेंस और कानूनी पेच
कंपनी कई नियमों के उल्लंघन के घेरे में है। SEBI के नियमों के बावजूद शेयर अभी भी फिजिकल फॉर्म में हैं और कंपनी ने तिमाही नतीजों का प्रकाशन भी बंद कर दिया है। साथ ही:
- सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी 2026 को रॉ-मटेरियल से जुड़ी एक याचिका खारिज कर दी।
- दिल्ली कोर्ट में जसपाल सिंह मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसले का इंतजार है।
- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में DIC के खिलाफ मामला अभी भी पेंडिंग है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव
सोमा चक्रवर्ती ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड जॉइन किया है, जबकि मलय सेनगुप्ता ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, श्याम सुंदर नियोगी के निधन के बाद रंजन सेन को कंपनी का नया CFO नियुक्त किया गया है।
