B.R. Goyal Infrastructure: FY26 में रेवेन्यू 60% उछला, ₹824 करोड़ पार, नए सेक्टर में एंट्री की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
B.R. Goyal Infrastructure: FY26 में रेवेन्यू 60% उछला, ₹824 करोड़ पार, नए सेक्टर में एंट्री की तैयारी
Overview

B.R. Goyal Infrastructure ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **60%** बढ़कर **₹824.59 करोड़** हो गया है। इसी के साथ कंपनी ने **₹44.92 करोड़** का मुनाफा (PAT) भी दर्ज किया है। कंपनी के पास **₹1,235.14 करोड़** का मजबूत ऑर्डर बुक है और यह वाटर ट्रीटमेंट व रिन्यूएबल एनर्जी जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार करने की योजना बना रही है।

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B.R. Goyal Infrastructure का शानदार प्रदर्शन: FY26 में रेवेन्यू में 60% की जबरदस्त बढ़त

B.R. Goyal Infrastructure Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष (FY26) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹824.59 करोड़ का शानदार कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष FY25 के ₹515.09 करोड़ की तुलना में 60.09% ज्यादा है। वहीं, FY26 के लिए कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹44.92 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹25.27 करोड़ से काफी अधिक है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक ₹1,235.14 करोड़ पर मजबूत बना हुआ है।

निवेशकों के लिए क्यों है खास?

यह बड़ी रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की क्षमता और सेवाओं की मजबूत मांग को दर्शाती है। भरा हुआ ऑर्डर बुक भविष्य के रेवेन्यू के लिए अच्छी विजिबिलिटी प्रदान करता है। इसके अलावा, वेस्ट वाटर मैनेजमेंट (waste water management) और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) जैसे हाई-मार्जिन सेक्टर्स में कंपनी का रणनीतिक कदम और टोल-कम-कंसेंशन (TCC) कॉन्ट्रैक्ट्स से मिलने वाली रेकरिंग इनकम पर फोकस, एक सस्टेनेबल और प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल की ओर इशारा करता है।

कंपनी का इतिहास और नई दिशा

B.R. Goyal Infrastructure एक इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी है। पहले कंपनी मुख्य रूप से EPC (Engineering, Procurement, and Construction) प्रोजेक्ट्स, खासकर सड़कों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करती थी। मौजूदा नतीजे कंपनी के कोर ऑपरेशंस को बढ़ाने की क्षमता और नए विस्तार प्रयासों के शुरुआती प्रभाव को दिखाते हैं।

क्या बदल रहा है?

कंपनी अब सक्रिय रूप से वेस्ट वाटर मैनेजमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी (विंड पावर) जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर रही है। उनका लक्ष्य ₹100 करोड़ से ऊपर के EPC कॉन्ट्रैक्ट्स और ₹100-200 करोड़ के TCC कॉन्ट्रैक्ट्स को प्राथमिकता देकर एवरेज प्रोजेक्ट टिकट साइज बढ़ाना है। इस स्ट्रेटेजिक बदलाव से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ने और रेकरिंग इनकम के नए सोर्स बनने की उम्मीद है।

जोखिम (Risks to Watch)

कंपनी सरकारी प्रोजेक्ट्स पर काफी हद तक निर्भर है, जिससे वह सरकारी नीतियों और प्रोजेक्ट पाइपलाइन में बदलावों के प्रति संवेदनशील हो जाती है। वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल जैसे नए क्षेत्रों में विस्तार से एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) बढ़ सकते हैं, जो कंपनी के मौजूदा EPC रोड बिजनेस से अलग हैं।

महत्वपूर्ण आंकड़े (Context Metrics)

  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹824.59 करोड़ (FY26) बनाम ₹515.09 करोड़ (FY25) - 60.09% की बढ़त
  • PAT: ₹44.92 करोड़ (FY26) बनाम ₹25.27 करोड़ (FY25) - 77.76% की बढ़त
  • EBITDA: ₹74.93 करोड़ (FY26) बनाम ₹41.19 करोड़ (FY25) - 81.91% की बढ़त
  • ऑर्डर बुक: ₹1,235.14 करोड़ (31 मार्च 2026 तक)
  • एग्जीक्यूट हो रहे प्रोजेक्ट्स: 37 (9 राज्यों में)
  • इक्विपमेंट बेस: 230+ यूनिट्स

आगे क्या देखें?

निवेशक कंपनी के नए बिजनेस सेगमेंट्स में एग्जीक्यूशन, बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने की क्षमता और मार्जिन में निरंतर सुधार पर बारीकी से नजर रखेंगे। ऑर्डर बुक का रिप्लेनिशमेंट और रेकरिंग इनकम का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.