BMW Ventures ने FY26 के लिए **₹37.48 करोड़** का शानदार मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल से **14.20%** ज़्यादा है। कंपनी ने IPO से मिले पैसों का इस्तेमाल कर अपना कर्ज भी करीब **40%** घटा लिया है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत हुई है।
BMW Ventures Ltd: वित्तीय वर्ष 2025-26 के नतीजे
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। BMW Ventures ने ₹2,278.24 करोड़ का रेवेन्यू और ₹37.48 करोड़ का मुनाफा (Profit After Tax - PAT) कमाया है। यह पिछले साल के ₹32.82 करोड़ के मुकाबले 14.20% की बढ़ोतरी है। वहीं, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹4.99 रहा।
IPO के पैसे से कैसे घटाया कर्ज?
कंपनी ने हाल ही में हुए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल अपने कर्ज को कम करने में किया है। कुल कर्ज में लगभग 39.79% की कमी आई है, जो अब ₹257.94 करोड़ रह गया है। इस कदम से कंपनी की पूंजी संरचना (Capital Structure) बेहतर हुई है और लॉन्ग-टर्म कर्ज पूरी तरह चुका दिया गया है।
कंपनी की नई राह
BMW Ventures ने इस साल पब्लिक अनलिस्टेड से पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनने का सफर तय किया। कंपनी ने ₹99 प्रति शेयर के भाव पर 2.34 करोड़ इक्विटी शेयर इश्यू किए, जिससे ₹231.66 करोड़ जुटाए गए। इस फंड का मुख्य उद्देश्य कर्ज चुकाना था।
आगे क्या?
घटे हुए कर्ज के स्तर से कंपनी की वित्तीय सहूलियतें बढ़ेंगी और ब्याज खर्च (Interest Expenses) कम होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कंपनी का फोकस बिहार में डीलर पेनिट्रेशन बढ़ाने और प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) और रेलवे गर्डर के ऑर्डर बुक को बढ़ाने पर रहेगा।
किन बातों पर रहेगी नज़र?
कंपनी के सामने कुछ चिंताएं भी हैं। स्टील सप्लायर, टाटा स्टील पर अत्यधिक निर्भरता से कंसंट्रेशन रिस्क (Concentration Risk) और बिहार में संचालन केंद्रित होने से ज्योग्राफिक रिस्क (Geographic Risk) बना हुआ है। साथ ही, स्टील और पीवीसी रेजिन जैसी कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी मार्जिन पर पड़ सकता है।
