BHEL Q2 Results: कंपनी का मुनाफा दोगुना से ज्यादा बढ़ा, लेकिन इन दो बड़े जोखिमों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई

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AuthorNeha Patil|Published at:
BHEL Q2 Results: कंपनी का मुनाफा दोगुना से ज्यादा बढ़ा, लेकिन इन दो बड़े जोखिमों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई

Bharat Heavy Electricals Ltd (BHEL) ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹820.94 करोड़** हो गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह **₹374.89 करोड़** था। हालांकि, शानदार ग्रोथ के बीच सुडानी ग्राहक से फंसी बड़ी रकम और बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी ने निवेशकों के लिए रिस्क खड़ा कर दिया है।

मुनाफे में शानदार उछाल

BHEL ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹7,511.80 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹9,300.35 करोड़ पर पहुंच गया है। ऑपरेशनल मजबूती कंपनी की बढ़ती डिमांड को दिखाती है, लेकिन इसके साथ ही कुछ गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं।

सुडान का फंसा पैसा

कंपनी के लिए एक बड़ा सिरदर्द सुडान का मामला है। STPG (पुरानी NEC Sudan) से कंपनी को ₹1,196 करोड़ मिलने बाकी हैं। क्षेत्र में चल रहे संकट की वजह से यह रकम फंसी हुई है। कंपनी ने साफ किया है कि अगर इस पूरे अमाउंट का प्रोविजन किया जाता है, तो इससे प्रॉफिट बिफोर टैक्स पर ₹1,176 करोड़ का असर पड़ सकता है।

गवर्नेंस और रेगुलेटरी चिंताएं

रिपोर्ट्स में एक और बड़ी कमी सामने आई है। फिलहाल कंपनी के बोर्ड में कोई भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं है। इस वजह से 'बोर्ड लेवल ऑडिट कमिटी' (BLAC) का गठन SEBI के रेगुलेशन 18 और कंपनी एक्ट 2013 के मानकों के मुताबिक नहीं है। यही कारण है कि इन तिमाही नतीजों को बिना अनिवार्य कमिटी रिव्यू के सीधे बोर्ड ने मंजूरी दी है।

आगे क्या करें निवेशक?

निवेशकों को अब आने वाले समय में बोर्ड में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति और सुडान से जुड़ी रिकवरी अपडेट्स पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। गवर्नेंस की कमी आगे चलकर रेगुलेटरी स्क्रूटनी का कारण भी बन सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.