भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹33,782 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 208% उछलकर ₹1,578 करोड़ हो गया। BHEL ने ₹2,39,057 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर बुक हासिल किया है, जो भविष्य की ग्रोथ के मजबूत संकेत दे रहा है। कंपनी ने ₹1.40 प्रति शेयर डिविडेंड देने का भी प्रस्ताव रखा है।
BHEL ने दर्ज किया रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और तीन गुना प्रॉफिट
भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹33,782 करोड़ रहा। वहीं, अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) में 83% की जोरदार बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,189 करोड़ तक पहुंच गया।
सबसे खास बात यह है कि नेट प्रॉफिट (PAT) में 208% का जबरदस्त इजाफा देखने को मिला, जो पिछले साल के मुकाबले तीन गुना होकर ₹1,578 करोड़ हो गया। कंपनी ने ₹2,39,057 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक भी हासिल की है, जो आने वाले सालों के लिए कंपनी के बिजनेस की मजबूती को दर्शाता है। कंपनी के बोर्ड ने ₹1.40 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव भी दिया है।
प्रदर्शन क्यों मायने रखता है?
BHEL का यह मजबूत प्रदर्शन कंपनी के लिए एक बड़ी वापसी का संकेत है। PAT और EBITDA में हुई यह भारी बढ़ोतरी बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट को दिखाती है। रिकॉर्ड ऑर्डर बुक अगले कुछ सालों के लिए रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी प्रदान करती है, जिससे निवेशकों को यह भरोसा मिलता है कि कंपनी के पास लगातार काम जारी रहेगा। साथ ही, प्रस्तावित डिविडेंड में बढ़ोतरी मैनेजमेंट के आत्मविश्वास और शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को जाहिर करती है।
कंपनी की रणनीति
BHEL पारंपरिक थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर अपने ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने और बिजनेस को डाइवर्सिफाई करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी रणनीतिक रूप से कोल गैसिफिकेशन, ट्रांसमिशन, रेलवे और डिफेंस जैसे सेक्टरों में विस्तार कर रही है। यह डाइवर्सिफिकेशन लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए और किसी एक सेक्टर पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण है।
आगे क्या?
कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और बेहतर ऑर्डर पाइपलाइन इसे भविष्य के लिए अच्छी पोजीशन में रखती है। निवेशकों को प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने और ऑर्डर बुक को पूरा करने पर कंपनी का निरंतर ध्यान देखने को मिलेगा। डाइवर्सिफिकेशन की रणनीति भी कारगर साबित होती दिख रही है।
जोखिमों पर नजर
एक बड़ी चिंता सेक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट में बोर्ड कंपोजिशन से संबंधित है। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की संख्या और कमेटी कंपोजिशन को लेकर कुछ समय के लिए रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स का पालन नहीं किया गया था। मैनेजमेंट ने इसे सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया का नतीजा बताया है और कहा है कि वे इस पर कम्युनिकेशन में हैं। निवेशकों को बोर्ड की नियुक्तियों पर आने वाले अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
प्रमुख आंकड़े (समय-सीमा के अनुसार)
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स: FY 2025-26 में ₹33,782 करोड़ (FY 2024-25 में ₹28,339 करोड़ था, 19% की बढ़ोतरी)
- EBITDA: FY 2025-26 में ₹3,189 करोड़ (FY 2024-25 में ₹1,745 करोड़ था, 83% की बढ़ोतरी)
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): FY 2025-26 में ₹1,578 करोड़ (FY 2024-25 में ₹513 करोड़ था, 208% की बढ़ोतरी)
- ऑर्डर बुक: FY 2025-26 तक ₹2,39,057 करोड़ (ऑल-टाइम हाई)
- प्रस्तावित डिविडेंड: FY 2025-26 के लिए ₹1.40 प्रति शेयर (FY 2024-25 में ₹0.50 था)
