सरकारी कंपनी BHEL के बोर्ड ने अपनी जॉइंट वेंचर NTPC BHEL Power Projects Private Limited (NBPPL) में **₹65 करोड़** की इक्विटी डालने को मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी की अर्जेंट देनदारियों को चुकाने के लिए किया जाएगा।
फंड की जरूरत क्यों पड़ी?
BHEL ने इस कैपिटल को फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के दौरान किश्तों में निवेश करने का प्लान बनाया है। इसका मुख्य मकसद NBPPL को एक 'गोइंग कंसर्न' के रूप में बनाए रखना और कंपनी पर लटके कर्ज के बोझ को कम करना है।
कारोबार में आई बड़ी गिरावट
EPC कॉन्ट्रैक्ट्स और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करने वाली NBPPL के हालात पिछले कुछ सालों में काफी बिगड़े हैं। कंपनी का टर्नओवर ₹18.19 करोड़ (FY 2023-24) से गिरकर इस साल महज ₹1.04 करोड़ (प्रोविजनल) के स्तर पर आ गया है। यह गिरावट कंपनी के कमजोर होते कामकाज का सबूत है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह ₹65 करोड़ का निवेश कंपनी के लिए एक बार की लाइफलाइन है, या आने वाले समय में भी BHEL को इसे बार-बार बेलआउट देना पड़ेगा। इस वेंचर की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक वायबिलिटी पर अब निवेशकों की नजरें टिकी होंगी।
