Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) ने अपनी हरिद्वार यूनिट में थर्मल और न्यूक्लियर पावर इक्विपमेंट बनाने के लिए **₹500 करोड़** के निवेश को मंजूरी दी है। साथ ही, कंपनी ने ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए अपनी मुंबई यूनिट को बेंगलुरु डिवीजन में मर्ज करने का फैसला किया है।
मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में बड़ा विस्तार
BHEL के बोर्ड ने हरिद्वार स्थित 'Heavy Electrical Equipment Plant' (HEEP) के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए ₹500 करोड़ की पूंजी खर्च करने को हरी झंडी दे दी है। यह फंड मुख्य रूप से थर्मल और न्यूक्लियर पावर प्लांट से जुड़े उपकरणों के उत्पादन को बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाएगा।
रीस्ट्रक्चरिंग का मास्टर प्लान
कंपनी ने ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने के लिए एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव किया है। मुंबई की 'Electrical Machines Repair Plant' (EMRP) को बेंगलुरु की 'Electronics Division' (EDN) में मिला दिया जाएगा। यह विलय 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
- कैपेसिटी बिल्डिंग: थर्मल और न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए यह निवेश कंपनी की भविष्य की ऑडर बुक के लिए बेहद अहम है।
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी: मुंबई प्लांट का बेंगलुरु डिवीजन में विलय कंपनी के खर्चों को कम करने और रिसोर्स मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस ₹500 करोड़ के निवेश का इस्तेमाल कितनी तेजी से करती है और इस मर्जर से मार्जिन पर कितना सकारात्मक असर पड़ता है।
