BGR Energy का बुरा हाल: **₹1,279 करोड़** का भारी-भरकम नुकसान, अब प्रमोटर्स से फंड जुटाने की तैयारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
BGR Energy का बुरा हाल: **₹1,279 करोड़** का भारी-भरकम नुकसान, अब प्रमोटर्स से फंड जुटाने की तैयारी

BGR Energy Systems ने FY26 के लिए निराशाजनक नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट लॉस **₹1,279.82 करोड़** तक पहुंच गया है। लिक्विडिटी के गंभीर संकट को देखते हुए, कंपनी अब अपने प्रमोटर्स से **₹150 करोड़** का अनसिक्योर्ड लोन लेने की योजना बना रही है।

भारी वित्तीय संकट और फंड जुटाने की जद्दोजहद

BGR Energy Systems लिमिटेड ने अपनी 40वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) का ऐलान कर दिया है, जो 22 सितंबर, 2026 को होनी है। इस बैठक में कंपनी अपने मैनेजमेंट और प्रमोटर्स से ₹150 करोड़ तक का अनसिक्योर्ड लोन लेने की मंजूरी मांगेगी। इसके साथ ही, कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस आंध्र प्रदेश से बदलकर तमिलनाडु शिफ्ट करने की तैयारी में है।

क्यों दबाव में है कंपनी?

कंपनी की वित्तीय सेहत लगातार बिगड़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹1,279.82 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹981.05 करोड़ था। परिचालन से होने वाली आय भी गिरकर ₹299.69 करोड़ रह गई है, जो पिछले साल ₹451.19 करोड़ थी। कंपनी की नेट वर्थ फिलहाल नेगेटिव ₹2,599.88 करोड़ है, जो इसके गंभीर वित्तीय दबाव को दर्शाता है।

डेट रीस्ट्रक्चरिंग और ऑडिटर्स की चेतावनी

कंपनी ने अपने नुकसान के पीछे पावर सेक्टर की सुस्ती और कर्ज के NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) में तब्दील होने को मुख्य वजह बताया है। फिलहाल, कंपनी National Asset Reconstruction Company Limited (NARCL) के साथ कर्ज को फिर से व्यवस्थित (Debt Restructuring) करने के लिए बातचीत कर रही है।

इसके अलावा, स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में 'Qualified Opinion' दिया है। ऑडिटर्स का कहना है कि कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों (BGR Boilers और BGR Turbines) के आंकड़े बिना ऑडिट के हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (लगातार कारोबार चलाने की क्षमता) पर भी सवाल खड़े किए हैं, जो निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क है।

आगे क्या होगा?

आने वाली AGM में शेयरधारक मैनेजिंग डायरेक्टर मिस्टर अर्जुन गोविंद रघुपति के 5 साल के कार्यकाल के विस्तार पर भी वोटिंग करेंगे। कंपनी का पूरा दारोमदार अब कर्ज के निपटान और वर्किंग कैपिटल जुटाने की सफलता पर टिका है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.