BEML Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में **₹4,351 करोड़** का अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया है। हालांकि, एकाउंटिंग प्रोविजन के चलते मुनाफे पर दबाव दिखा है, फिर भी कंपनी ने **₹17.087** प्रति शेयर का डिविडेंड और **₹16,285 करोड़** की मजबूत ऑर्डर बुक दर्ज की है।
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 का लेखा-जोखा
BEML ने अपनी 62वीं एनुअल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹4,022.22 करोड़ से बढ़कर ₹4,350.53 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹292.57 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹141.57 करोड़ रह गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह ₹257 करोड़ के वन-टाइम प्रोविजन्स हैं, जिसमें सप्लायर प्राइस, फॉरेक्स इम्पैक्ट और ग्रेच्युटी सीलिंग में बदलाव शामिल हैं।
निवेशकों के लिए काम की बात
कंपनी के Defence & Aerospace सेगमेंट में 38% की सालाना बढ़ोतरी हुई है, लेकिन निवेशकों को मुनाफे में आई कमी पर नजर रखनी चाहिए। गवर्नेंस के मोर्चे पर, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की कमी के कारण कंपनी को SEBI (LODR) नियमों के उल्लंघन में ₹52.89 लाख का जुर्माना भी भरना पड़ा है।
भविष्य की मजबूती: ऑर्डर बुक
1 जुलाई 2026 तक कंपनी के पास ₹16,285 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक है, जो इसकी लंबी अवधि की कमाई की क्षमता को दिखाती है। डिफेंस (35%), माइनिंग एंड कंस्ट्रक्शन (41%) और रेल एंड मेट्रो (24%) सेगमेंट में कंपनी का दबदबा बरकरार है। इसके अलावा, कंपनी ने नवंबर 2025 में 1:2 के रेशियो में शेयर स्प्लिट भी किया था।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी द्वारा ऑडिट ओपिनियन को सुलझाने और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति से जुड़े गवर्नेंस मुद्दों को ठीक करने पर नजर रखनी होगी, ताकि भविष्य में नियामक कार्रवाई से बचा जा सके।
