BEML का FY26 प्रदर्शन: रेवेन्यू में उछाल, मुनाफे में गिरावट
BEML लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का सालाना रेवेन्यू बढ़कर ₹4,350.53 करोड़ हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹4,022.22 करोड़ की तुलना में 8.16% अधिक है। यह कंपनी के लिए एक अच्छी खबर है, जो मजबूत व्यावसायिक गति को दर्शाता है।
मुनाफे पर गिरी गाज, 50% की गिरावट
जहां रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई, वहीं कंपनी के स्टैंडअलोन प्रॉफिट (Net Profit) में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस अवधि में कंपनी का मुनाफा 49.86% घटकर ₹147.50 करोड़ रह गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष (FY 2024-25) में यह ₹294.19 करोड़ था। मुनाफे में यह बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और डिविडेंड
इन नतीजों के बीच, BEML ने 31 मार्च 2026 तक ₹15,896 करोड़ की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक हासिल की है। यह भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू के लिए एक मजबूत विजिबिलिटी (visibility) प्रदान करता है। कंपनी ने शेयरधारकों को दूसरे अंतरिम डिविडेंड के तौर पर ₹2.30 और अंतिम डिविडेंड के रूप में ₹0.55 प्रति शेयर देने का भी ऐलान किया है।
गवर्नेंस पर ऑडिटर की चिंता
नतीजों के साथ-साथ, कंपनी के ऑडिटर (Auditor) ने गवर्नेंस (Governance) को लेकर एक गंभीर मुद्दा उठाया है। ऑडिटर ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स (Independent Directors) की नियुक्ति के संबंध में नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं। कंपनी ने रक्षा मंत्रालय को इस बारे में सूचित कर दिया है और आगे के निर्देशों का इंतजार कर रही है। यह मामला SEBI (LODR) रेगुलेशंस और कंपनी एक्ट, 2013 के तहत नियमों के अनुपालन से जुड़ा है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी के प्रॉफिट में आई गिरावट के कारणों को समझने की जरूरत है। साथ ही, गवर्नेंस से जुड़े मुद्दे को कंपनी कैसे सुलझाती है, इस पर भी बारीक नजर रखनी होगी। मजबूत ऑर्डर बुक के बावजूद, इन चिंताओं का शेयर की कीमत पर असर पड़ सकता है।
