BCL Industries ने H1FY27 के नतीजे जारी किए हैं। तमाम चुनौतियों के बीच कंपनी ने ₹65 करोड़ का मुनाफा बरकरार रखा है, जबकि रेवेन्यू में 14.4% की गिरावट दर्ज की गई।
मुनाफे में स्थिरता और चुनौतियों का असर
BCL Industries के लिए यह छमाही काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,540 करोड़ से घटकर ₹1,319 करोड़ रह गया है। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹65 करोड़ पर स्थिर रहा, जो कंपनी की कार्यकुशलता को दर्शाता है। वहीं, EBITDA में 5.9% का सुधार देखा गया और यह ₹132 करोड़ पर पहुंच गया है।
क्यों खास है यह बदलाव?
कंपनी का मैनेजमेंट अब पूरी तरह से 'डिस्टिलरी-लेड मॉडल' की ओर शिफ्ट हो रहा है। वे धीरे-धीरे पैकेज्ड एडिबल ऑयल बिजनेस से बाहर निकलकर हाई-मार्जिन सॉफ्ट ऑयल रिफाइनिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस बदलाव में Goyal Distillery का अधिग्रहण और Svaksha Distillery का पूर्ण एकीकरण एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कंपनी को एथेनॉल और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में एक बड़ा खिलाड़ी बनाएगा।
क्षमता विस्तार (Capacity Expansion)
कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए बठिंडा में 150 KLPD की नई यूनिट शुरू की है। इसके अलावा, फतेहाबाद में स्थित Goyal Distillery पर ₹250 करोड़ का निवेश किया जा रहा है। इन निवेशों के बाद कंपनी की कुल डिस्टिलेशन क्षमता 1,150 KLPD तक पहुंच जाएगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को इस बात पर गौर करना चाहिए कि 19 जून 2026 को लगी आग के कारण 200 KLPD के एथेनॉल प्लांट के बंद होने का असर पड़ा था। हालांकि प्लांट अब फिर से शुरू हो चुका है, लेकिन इस शटडाउन से हुए आर्थिक नुकसान और बीमा दावों का असर Q3 के नतीजों में साफ नजर आ सकता है। साथ ही, बिजनेस मॉडल बदलने के दौरान रेवेन्यू में कुछ समय के लिए अस्थिरता बनी रह सकती है।
