B. P. Capital Limited ने अपने बिजनेस में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी अब कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में एंट्री करने जा रही है।
बिजनेस में बड़ा बदलाव (Business Pivot)
B. P. Capital ने अपने बिजनेस को पूरी तरह से डायवर्सिफाई करने की योजना बनाई है। बोर्ड ने अब कंपनी को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और मोबाइल एक्सेसरीज के सेगमेंट में उतरने की मंजूरी दे दी है। इस नए सफर के लिए कंपनी ने अपनी वित्तीय तैयारी भी पूरी कर ली है।
नई वित्तीय सीमाएं (Financial Thresholds)
कंपनी ने अपने विस्तार को फंड करने के लिए कुछ बड़े कदम उठाए हैं:
- उधार लेने की सीमा: कंपनी ने अपनी बोरिंग लिमिट को बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।
- इन्वेस्टमेंट लिमिट: सेक्शन 186 के तहत निवेश और लोन की सीमा ₹50 करोड़ तय की गई है।
- डायरेक्टर इंटरेस्ट: सेक्शन 185 के तहत संबंधित संस्थाओं को लोन देने के लिए ₹25 करोड़ की लिमिट तय की गई है।
ये सभी प्रस्ताव 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।
मैनेजमेंट और बोर्ड अपडेट्स
AGM में कुछ महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर भी मुहर लगेगी। कंपनी ने अजय शर्मा को नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर दूसरे 5 साल के कार्यकाल (2026–2031) के लिए फिर से नियुक्त करने का फैसला किया है। साथ ही फैजल बावरपरामबिल अब्दुल खादर भी नॉन-एग्जीक्यूटिव नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बने रहेंगे।
आगे क्या?
निवेशकों को अब 29 सितंबर की AGM पर नजर रखनी चाहिए, जहां इन प्रस्तावों पर वोटिंग होगी। कंपनी की ओर से अभी प्रोडक्ट लॉन्च की समयसीमा या निवेश की विस्तृत रणनीति का खुलासा होना बाकी है, जो भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की दिशा तय करेगा।
