B. L. Kashyap and Sons Ltd का FY26 रेवेन्यू **19.5%** बढ़कर **₹1,379.14 करोड़** पहुंच गया है। कंपनी की ऑर्डर बुक **₹5,000 करोड़** की मजबूती दिखा रही है, हालांकि वन-टाइम राइट-ऑफ के कारण नेट प्रॉफिट में गिरावट आई है।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
B. L. Kashyap ने FY26 के अपने एनुअल रिपोर्ट में ऑपरेशंस में बड़े स्तर पर विस्तार दिखाया है। जहां कंपनी का रेवेन्यू 19.5% बढ़ा है, वहीं EBITDA में 56.4% की बड़ी छलांग देखी गई है और यह ₹102.22 करोड़ दर्ज हुआ है। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹1.55 करोड़ तक सिमट गया, जिसके पीछे ₹37.82 करोड़ के एक्सेप्शनल खर्च रहे। इसमें मुख्य रूप से ₹20 करोड़ का प्रोविजन और ₹17.62 करोड़ का आर्बिट्रेशन सेटलमेंट राइट-ऑफ शामिल है।
डेट में बड़ी कटौती
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को काफी मजबूत किया है। फंड-बेस्ड डेट को ₹700 करोड़ से घटाकर अब ₹270 करोड़ कर दिया गया है। राहत की बात यह है कि कंपनी पर अब कोई टर्म लोन बाकी नहीं है। भविष्य की ग्रोथ के लिए ₹5,000 करोड़ की ऑर्डर बुक एक मजबूत आधार तैयार कर रही है, जिसमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की बराबर हिस्सेदारी है।
मैनेजमेंट और रेटिंग्स
कंपनी ने स्थिरता के लिए विनोद कश्यप, विनीत कश्यप और विक्रम कश्यप को अगले 5 साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, रेटिंग एजेंसी CRISIL ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग्स को अपग्रेड करते हुए 'CRISIL BB-/Stable' और 'CRISIL A4+' कर दिया है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब 30 सितंबर 2026 को होने वाली 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं, जहां डेट रीपेमेंट और ऑर्डर बुक के रेवेन्यू में तब्दील होने की टाइमलाइन पर मैनेजमेंट अपनी बात रख सकता है।
