Azad Engineering ने FY26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **49.3%** बढ़कर **₹132.16 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि कंपनी के पास **₹6,500 करोड़** के पक्के ऑर्डर्स मौजूद हैं।
कंपनी का दमदार प्रदर्शन
Azad Engineering के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी सफल रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 31.8% बढ़कर ₹602.98 करोड़ रहा। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट्स में मिली बेहतर कीमत और ऑपरेशनल लेवरेज है।
बड़े ऑपरेशन्स और क्लाइंट्स
कंपनी ने GE Vernova और Siemens Energy जैसे दिग्गज ग्लोबल क्लाइंट्स के लिए चार नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की हैं। साथ ही, कंपनी ने GTRE को भारत का पहला स्वदेशी 'एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन' सौंपकर अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है। इसके अलावा, MHI Japan के साथ सिंगल-सोर्स सप्लायर एग्रीमेंट और Safran Aircraft Engines के साथ करार ने भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार किया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
सब कुछ अच्छा दिखने के बावजूद, निवेशकों को वर्किंग कैपिटल साइकिल पर नजर रखनी चाहिए, जो 202 दिन से बढ़कर 244 दिन हो गई है। इसका मुख्य कारण नए प्रोग्राम्स के लिए इन्वेंट्री का जमा होना बताया जा रहा है। कंपनी का 79.7% रेवेन्यू अभी भी एनर्जी सेक्टर से आता है, जिसे अगले 4-5 सालों में डायवर्सिफाई करने का लक्ष्य है।
आगे क्या होगा?
अगले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का पूरा जोर नई क्षमता को फुल-स्केल प्रोडक्शन में बदलने पर होगा। वहीं, आगामी 29 सितंबर, 2026 को होने वाली 43वीं AGM पर भी नजर रखें, जहां लीडरशिप और सैलरी से जुड़े अहम फैसले लिए जाएंगे।
