Axiscades Technologies ने FY2026 के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर में ग्रोथ के चलते कंपनी का रेवेन्यू **12.4%** बढ़कर **₹1,158.95 करोड़** हो गया है, जबकि कंपनी अब सर्विस से प्रोडक्ट-लेड मैन्युफैक्चरिंग की ओर शिफ्ट हो रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नज़र
कंपनी ने ₹1,158.95 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो साल-दर-साल 12.4% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, EBITDA ₹177.51 करोड़ पर रहा, जिसमें 24.6% का उछाल आया है। कंपनी के मार्जिन भी 150 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 15.32% पर पहुंच गए हैं। हालांकि, नेट प्रॉफिट में मामूली गिरावट आई है और यह ₹72.07 करोड़ पर रहा, जिसका एक मुख्य कारण सप्लाई चेन संबंधी चुनौतियों के चलते ₹142 करोड़ की रेवेन्यू रिकग्निशन में देरी होना है।
भविष्य की रणनीति: 'Constructor' मॉडल
Axiscades अब अपने पुराने 'Architect' मॉडल से निकलकर 'Constructor' मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी ने चार प्रमुख ग्रोथ प्लेटफॉर्म्स पर फोकस तय किया है: एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रॉनिक्स & AI, और स्पेस डिवीजन। मैनेजमेंट का विजन 'Power 930' रोडमैप है, जिसके तहत FY2030 तक ₹9,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैश फ्लो की चिंताएं
निवेशकों को इस साल कैश कन्वर्जन साइकिल पर खास नजर रखनी होगी। FY2026 में कंपनी को ₹1.36 करोड़ का कैश आउटफ्लो झेलना पड़ा है, जबकि पिछले साल ₹88.34 करोड़ का इनफ्लो था। इन्वेंट्री और ट्रेड रिसीवेबल्स बढ़ने के कारण यह दबाव बना है, जिसे सुधारना मैनेजमेंट की प्राथमिकता है।
आगे क्या होगा?
बाजार की नजर अब Akkodis के साथ होने वाली इंजीनियरिंग सर्विसेज बिजनेस की बिक्री पर है। इस विनिवेश (Divestment) से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने लॉन्ग-टर्म मैन्युफैक्चरिंग एक्सपेंशन के लिए करेगी।
