Axis Solutions Q1 FY27: रेवेन्यू में 78% का उछाल, ₹48.98 करोड़ पार; EBITDA 122% बढ़कर ₹6.21 करोड़

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Axis Solutions Q1 FY27: रेवेन्यू में 78% का उछाल, ₹48.98 करोड़ पार; EBITDA 122% बढ़कर ₹6.21 करोड़

Axis Solutions ने Q1 FY27 में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू 78% बढ़कर ₹48.98 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA में 122% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ यह ₹6.21 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के पास ₹365 करोड़ का ऑर्डर बुक है, जो भविष्य की कमाई का संकेत देता है। निवेशकों की नजर Minimum Public Shareholding (MPS) कंप्लायंस पर बनी हुई है।

Axis Solutions का शानदार Q1 FY27 प्रदर्शन

वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में Axis Solutions लिमिटेड ने अपने नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Revenue from operations) में सालाना आधार पर 78% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो ₹27.48 करोड़ (Q1 FY26) से बढ़कर ₹48.98 करोड़ हो गया।

EBITDA में 122% की विस्फोटक बढ़ोतरी

मुनाफे की बात करें तो कंपनी का EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) पिछले साल की इसी अवधि के ₹2.79 करोड़ से 122% बढ़कर ₹6.21 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 78% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹1.74 करोड़ से बढ़कर ₹3.09 करोड़ हो गया। प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹0.37 से बढ़कर ₹0.66 हो गई।

₹365 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक

कंपनी के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि उसके पास ₹365 करोड़ का एक मजबूत ऑर्डर बुक (Order Book) है। यह ऑर्डर बुक अगले 1 से 2 वर्षों में कंपनी के लिए अच्छी कमाई का जरिया बनेगी, जिससे भविष्य की ग्रोथ को लेकर विजिबिलिटी (visibility) काफी बढ़ गई है।

कंपनी का बिजनेस और आगे की रणनीति

Axis Solutions एक डिजाइन और इंजीनियरिंग फर्म है जो ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, वॉटर और इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में एकीकृत समाधान प्रदान करती है। कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन स्टोरेज और रेलवे सुरक्षा (Kavach) जैसी नई तकनीकों पर भी काम कर रही है। इसके अलावा, कंपनी सऊदी अरब और यूके में नए एंटिटीज स्थापित करके अंतर्राष्ट्रीय विस्तार भी कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजे, बढ़ता हुआ ऑर्डर बुक और नई तकनीकों पर फोकस निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। हालांकि, निवेशकों की खास नजर Minimum Public Shareholding (MPS) नियमों के अनुपालन पर होगी, जो भविष्य में NSE पर लिस्टिंग के लिए जरूरी है। कंपनी पर इन नियमों को पूरा करने का दबाव है।

किन जोखिमों पर रखें नजर?

नई तकनीकों जैसे ग्रीन हाइड्रोजन स्टोरेज और रेलवे सुरक्षा (Kavach) में निवेश शुरुआती दौर में है और इनसे राजस्व में अभी खास योगदान नहीं है। बड़े ऑर्डर बुक का समय पर निष्पादन (execution) और अंतर्राष्ट्रीय ऑपरेशन्स का सफल एकीकरण भी महत्वपूर्ण कारक रहेंगे जिन पर नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.