Avro India का रीसाइक्लिंग ऑपरेशंस में बड़ा पुनर्गठन
Avro India Limited ने अपने रीसाइक्लिंग बिजनेस को एक नई सब्सिडियरी, Avro Recycling Limited, में ट्रांसफर करने की घोषणा की है। इस ट्रांसफर में प्लांट और मशीनरी, जैसे ग्राइंडर, श्रेडर, एक्सट्रूडर, वॉशिंग लाइन और ड्रायर शामिल होंगे। इन संपत्तियों का मूल्यांकन ₹12.74 करोड़ किया गया है (31 मार्च, 2026 तक)।
क्यों हो रहा है ये बदलाव?
इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य रीसाइक्लिंग सेगमेंट के लिए एक समर्पित कंपनी बनाना है, जिससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) बढ़े और ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके। साथ ही, यह कंपनी को एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) के फायदों का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करेगा।
शेयरहोल्डर्स की भूमिका
इस योजना पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेना जरूरी है। इसके लिए 30 जून, 2026 को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाई गई है। कंपनी कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 180(1)(a) के तहत विशेष प्रस्ताव (special resolution) के माध्यम से शेयरहोल्डर्स से वोटिंग करवाएगी।
अहम आंकड़े
- 31 मार्च, 2026 तक रीसाइक्लिंग बिजनेस की कुल संपत्ति का मूल्य: ₹12.74 करोड़
- रीसाइक्लिंग प्लांट और मशीनरी का रिटर्न डाउन वैल्यू (WDV): ₹6.79 करोड़ (31.03.2026 तक)
- कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (CWIP): ₹5.95 करोड़
- Avro India की नेट वर्थ (पुनर्मूल्यांकन को छोड़कर): ₹79.74 करोड़ (31 मार्च, 2026 तक)
आगे क्या?
शेयरहोल्डर्स को संपत्तियों के मूल्यांकन और नई सब्सिडियरी Avro Recycling Limited के प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखनी होगी। नियामक अनुपालन (regulatory compliance) सुनिश्चित करना और EPR लाभों को अधिकतम करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।
