Atvo Enterprises ने Atvo Agrochem, Shubhshree Health Care और Shorya Business को खुद में मर्ज करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस कदम से इथेनॉल, शराब और रियल एस्टेट का कारोबार एक ही छत के नीचे आ जाएगा।
विलय की पूरी प्रक्रिया
Atvo Enterprises ने अपनी लिस्टेड कंपनी में प्रमोटर ग्रुप की तीन कंपनियों का विलय करने का औपचारिक फैसला लिया है। इस डील के तहत कोई कैश ट्रांजेक्शन नहीं होगा। इसके बजाय, Atvo Enterprises अपनी ₹1 फेस वैल्यू वाले फ्रेश शेयर जारी करेगी, जो विलय होने वाली कंपनियों के शेयरधारकों को अलॉट किए जाएंगे। अब यह प्रस्ताव NCLT की जयपुर बेंच के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस कॉरपोरेट स्ट्रक्चरिंग के जरिए कंपनी अपने अलग-अलग बिजनेस को एक जगह लाना चाहती है। इसमें 120 KLPD वाला इथेनॉल प्लांट, अल्को-बेवरेज प्लेटफॉर्म और रियल एस्टेट एसेट्स शामिल हैं। मैनेजमेंट का मानना है कि इससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और कंप्लायंस लागत में भारी कमी आएगी।
शेयर एक्सचेंज रेशियो (Share Exchange Ratio)
विलय के तहत शेयरधारकों को इस प्रकार शेयर मिलेंगे:
- Atvo Agrochem: हर 100 शेयरों के बदले 58 शेयर मिलेंगे।
- Shubhshree Health Care: हर 100 शेयरों के बदले 5,202 शेयर मिलेंगे।
- Shorya Business (India): हर 100 शेयरों के बदले 4,160 शेयर मिलेंगे।
निवेशकों के लिए जोखिम
इस प्रक्रिया में मुख्य जोखिम NCLT की मंजूरी मिलने में लगने वाला समय है। इसके अलावा, राजस्थान के बूंदी में बन रहे इथेनॉल प्लांट जैसे कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स को लिस्टेड एंटिटी में शामिल करने के बाद कंपनी को उनके निष्पादन (execution) पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
