Atharva Poly-Plast ने सितंबर 2026 तक के छमाही नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **77%** बढ़कर **₹36.69 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण नेट प्रॉफिट **₹4.72 करोड़** से घटकर **₹4.38 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी ने अपनी छमाही रिपोर्ट में बताया कि ₹36.69 करोड़ का दमदार रेवेन्यू हासिल करने के बावजूद कुल खर्च बढ़कर ₹32.76 करोड़ हो गया। इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे माल (raw material) की महंगी लागत है। यही कारण है कि टॉप-लाइन ग्रोथ के बाद भी बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिख रहा है।
IPO फंड्स का सटीक हिसाब-किताब
निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर यह है कि कंपनी अपने पूंजी प्रबंधन को लेकर पूरी तरह पारदर्शी है। जुलाई 2026 में आए अपने SME IPO के जरिए कंपनी ने ₹27 करोड़ जुटाए थे, जिसमें से ₹23.11 करोड़ पहले ही बिजनेस ऑपरेशंस में लगाए जा चुके हैं। बाकी बचे ₹3.88 करोड़ सुरक्षित फिक्स्ड डिपॉजिट और एस्क्रो अकाउंट्स में रखे गए हैं।
आगे की राह (Investor Outlook)
फिलहाल कंपनी भारतीय GAAP मानकों का पालन कर रही है। निवेशकों के लिए अब अगले क्वार्टर्स पर नजर रखना जरूरी होगा कि क्या कंपनी बढ़ती लागत को कंट्रोल कर पाती है या नहीं। रेवेन्यू की इस रफ्तार को मुनाफे में बदलने के लिए कंपनी को अपनी कॉस्ट-एफिशिएंसी पर और ज्यादा काम करने की जरूरत होगी।
