Astron Paper & Board Mill का FY26 हाल
Astron Paper ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का रेवेन्यू 97.09% गिरकर ₹2.79 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल ₹95.95 करोड़ था। वहीं, कंपनी ने ₹19.45 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो कि पिछले साल के ₹52.30 करोड़ के लॉस से कम है। लेकिन, यह सब तब हो रहा है जब कंपनी के ऑपरेशन्स बंद पड़े हैं।
क्या है पूरा मामला?
रेवेन्यू में आई भारी गिरावट और लगातार हो रहे भारी नुकसान से Astron Paper की गंभीर वित्तीय हालत का पता चलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है। NCLT अहमदाबाद बेंच के आदेश के बाद, कंपनी का कामकाज एक इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) संभाल रहा है। इसके अलावा, कंपनी के ऑडिटर ने वित्तीय स्टेटमेंट्स पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' दिया है, जिससे इन नतीजों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
कंपनी की पिछला स्थिति
Astron Paper कई समय से बड़ी ऑपरेशनल और वित्तीय दिक्कतों का सामना कर रही है। गुजरात के हलोड और भुज में लगे इसके प्लांट्स बंद हैं। हलोड प्लांट तो सितंबर 2024 से ही बंद है। इसी वजह से कंपनी की कमाई पूरी तरह से ठप्प हो गई। बैंकों का ₹87.61 करोड़ का भारी डिफॉल्ट कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा रहा है।
अब आगे क्या?
कंपनी अब आधिकारिक तौर पर CIRP के तहत है, जिसका मतलब है कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स निलंबित हो चुके हैं और IRP ही सब कुछ देख रहा है। अब सारा फोकस इन्सॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस पर है, जिसका मकसद कंपनी के कर्ज और ऑपरेशन्स के लिए कोई समाधान खोजना है। ऑडिटर का डिस्क्लेमर यह भी बताता है कि निवेशकों और लेनदारों को कंपनी के जारी किए गए वित्तीय आंकड़ों पर बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।
बड़े खतरे
- ऑडिटर का डिस्क्लेमर: इसका मतलब है कि ऑडिटर को वित्तीय नतीजों पर अपनी राय बनाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। बैंक बैलेंस, लोन, इन्वेंटरी और प्रॉपर्टी, प्लांट व इक्विपमेंट जैसी चीजों पर इसका असर हो सकता है।
- 'गोइंग कंसर्न' पर अनिश्चितता: ऑडिटर को कंपनी के लगातार चलते रहने पर ही शक है, क्योंकि भारी नुकसान, NPA लोन स्टेटस और लंबित मुकदमे हैं।
- CIRP की स्थिति: इन्सॉल्वेंसी की यह प्रक्रिया कंपनी के भविष्य और हितधारकों के लिए रिकवरी को लेकर बड़ी अनिश्चितता पैदा करती है।
- संपत्ति पर कब्ज़ा: बैंक SARFAESI एक्ट के तहत रिकवरी की कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे संपत्ति पर कब्ज़े का खतरा है।
- गवर्नेंस के मुद्दे: कंपनी पर SEBI के नियमों का पालन न करने के भी आरोप लगे हैं।
साथियों से तुलना
फिलहाल Astron Paper की दिवालियापन प्रक्रिया और प्लांट्स के बंद होने की वजह से, पेपर और बोर्ड इंडस्ट्री की दूसरी एक्टिव कंपनियों से सीधी तुलना करना सही नहीं होगा। इसकी स्थिति अपनी इन्सॉल्वेंसी कार्यवाही के कारण बिल्कुल अलग है।
जरूरी आंकड़े
- रेवेन्यू FY26: ₹2.79 करोड़ (FY25 में ₹95.95 करोड़ था)
- नेट लॉस FY26: ₹19.45 करोड़ (FY25 में ₹52.30 करोड़ था)
- बैंक डिफॉल्ट: ₹87.61 करोड़
- CIRP की शुरुआत: 11 मई, 2026 को NCLT अहमदाबाद बेंच का आदेश
- हलोड प्लांट बंद: सितंबर 2024 से
आगे क्या देखें?
निवेशकों को CIRP की प्रगति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, जिसकी निगरानी IRP कर रहे हैं। NCLT या IRP से किसी भी नए रेजोल्यूशन प्लान या संपत्ति की बिक्री के बारे में आने वाली खबर बहुत अहम होगी। कंपनी के संचालन फिर से शुरू करने की क्षमता (यदि संभव हो) और लेनदारों के रिकवरी की अंतिम स्थिति ही कंपनी का भविष्य तय करेगी।
