Asian Granito India Ltd ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹21.17 करोड़** से घटकर इस बार **₹5.22 करोड़** पर आ गया है। रेवेन्यू में इजाफा जरूर हुआ है, लेकिन बढ़ते खर्चों और इनकम टैक्स लिटिगेशन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के लिए यह तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है। हालांकि ऑपरेशन से होने वाली रेवेन्यू ₹444.75 करोड़ से बढ़कर ₹528.50 करोड़ पहुंच गई है, लेकिन कंपनी का बॉटम-लाइन (मुनाफा) बुरी तरह प्रभावित हुआ है। टैक्स से पहले का मुनाफा (Profit Before Tax) भी पिछले साल के ₹26.98 करोड़ से घटकर ₹6.20 करोड़ रह गया है। नतीजतन, कंपनी का बेसिक अर्निंग पर शेयर (EPS) ₹0.70 से गिरकर ₹0.20 पर आ गया है।
स्टैंडअलोन परफॉरमेंस की स्थिति
स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का प्रदर्शन और भी कमजोर रहा। रेवेन्यू ₹272.42 करोड़ से घटकर ₹260.95 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹7.79 करोड़ से लुढ़ककर मात्र ₹1.21 करोड़ पर आ गया है।
इनकम टैक्स लिटिगेशन का खतरा
निवेशकों के लिए एक बड़ी अनिश्चितता 26 मई 2022 को हुई इनकम टैक्स विभाग की सर्च और उसके बाद के असेसमेंट ऑर्डर्स हैं। कंपनी ने इन ऑर्डर्स के खिलाफ अपील दायर की है, लेकिन मैनेजमेंट का कहना है कि इसका कंपनी की फाइनेंशियल सेहत पर क्या अंतिम असर पड़ेगा, इसका अभी कोई स्पष्ट अनुमान नहीं है।
आगे की राह
बाजार की नजर अब इस कानूनी लड़ाई और कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन्स पर रहेगी। रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद घटता मुनाफा यह बताता है कि कंपनी पर खर्चों का भारी दबाव है, जिसे काबू में करना आने वाली तिमाहियों में सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
