Asian Energy Services लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा **128.6%** बढ़कर **₹12.8 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी **135%** बढ़कर **₹271.2 करोड़** हो गया। इसके साथ ही कंपनी को **₹187.6 करोड़** का एक बड़ा ऑर्डर भी मिला है।
दमदार नतीजों से निवेशकों में जोश
Asian Energy Services ने Q1 FY27 के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी की परफॉर्मेंस में जबरदस्त उछाल देखा गया है। पिछले साल की समान अवधि में ₹5.6 करोड़ का मुनाफा दर्ज करने वाली कंपनी ने इस बार ₹12.8 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) कमाया है, जो 128.6% की शानदार ग्रोथ दिखाता है। इसके अलावा, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी 135.0% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹271.2 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही में ₹115.4 करोड़ था।
₹187 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला
कंपनी की इस शानदार ग्रोथ का एक बड़ा कारण गुजरात स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GSECL) से मिला ₹187.6 करोड़ का बड़ा ऑर्डर है। यह ऑर्डर कोल हैंडलिंग प्लांट के एनहांसमेंट के लिए है। इस नए ऑर्डर और मौजूदा मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर कंपनी को आने वाले समय में रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी मिल रही है।
754 करोड़ की ऑर्डर बुक और मर्जर पर नजर
Asian Energy Services के पास फिलहाल ₹1,754 करोड़ (कुईपर को छोड़कर) की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें ऑयल एंड गैस सेगमेंट का बड़ा हिस्सा है। कंपनी अपने एक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट - ऑयलमैक्स के मर्जर पर भी तेजी से काम कर रही है। शेयरधारकों से मंजूरी मिलने के बाद, यह मर्जर सितंबर/अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, बस कुछ आखिरी रेगुलेटरी अप्रूवल बाकी हैं।
आगे क्या?
कंपनी के मजबूत नतीजों और बड़ी ऑर्डर बुक को देखते हुए, विश्लेषकों का मानना है कि Asian Energy Services आने वाले समय में अपने प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करने की अच्छी स्थिति में है। ऑयलमैक्स के मर्जर के सफल होने से कंपनी की ऑपरेशनल क्षमताएं और मार्केट में पकड़ और मजबूत हो सकती है। मैनेजमेंट का भरोसा है कि वे वित्त वर्ष 2027 के लिए अपने गाइडेंस को पूरा करेंगे।
जोखिमों पर भी रहेगी नजर
हालांकि, भू-राजनीतिक स्थिति, खासकर मध्य पूर्व में तनाव, कंपनी के ऑपरेशन्स को प्रभावित कर सकता है। ऑयलमैक्स मर्जर का पूरा होना भी NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) की 28 अगस्त, 2026 की सुनवाई और अन्य रेगुलेटरी क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा।
