Ashoka Buildcon को REC Power से 400/220/132 kV AIS Sakoli फैसिलिटी के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) मिला है। इस प्रोजेक्ट से अगले 35 सालों तक हर साल ₹126.54 करोड़ का रेवेन्यू मिलेगा, और इसे 24 महीने में पूरा करना होगा।
Ashoka Buildcon को मिला बड़ा पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट
Ashoka Buildcon को महाराष्ट्र के भंडारा जिले में 400/220/132 kV AIS Sakoli फैसिलिटी स्थापित करने का एक अहम प्रोजेक्ट मिला है।
- सालाना कमाई: ₹126.54 करोड़
- ऑपरेशनल अवधि: 35 साल
निवेशकों के लिए खास: एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से मिलने वाला यह लंबा और स्थिर रेवेन्यू स्ट्रीम कंपनी के भविष्य के लिए काफी अच्छा संकेत है।
क्या हुआ?
Ashoka Buildcon Limited ने बताया है कि उन्हें REC Power Development and Consultancy Limited से एक लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) प्राप्त हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र के भंडारा जिले के सकोली में 400/220/132 kV एयर इंसुलेटेड सबस्टेशन (AIS) स्थापित किया जाएगा।
यह कॉन्ट्रैक्ट 'टैरिफ बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग' (TBCB) रूट के जरिए मिला है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह नया प्रोजेक्ट Ashoka Buildcon के ऑर्डर बुक को और मजबूत करेगा और कंपनी के लिए एक भरोसेमंद, लंबे समय तक चलने वाले रेवेन्यू का जरिया बनेगा। हर साल ₹126.54 करोड़ का ट्रांसमिशन चार्ज 35 सालों तक पक्का है, जिससे कंपनी को अच्छी-खासी फाइनेंशियल विजिबिलिटी मिलेगी।
ऐसे प्रोजेक्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बेहद जरूरी होते हैं और पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में कंपनी की ग्रोथ में अहम योगदान देंगे।
बैकग्राउंड
Ashoka Buildcon का इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जिनमें रोड और पावर ट्रांसमिशन शामिल हैं, को पूरा करने का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है। TBCB मैकेनिज्म के जरिए पावर सेक्टर में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जाता है, जो कॉम्पिटिटिव बिडिंग से लागत को किफायती बनाता है।
REC Power Development and Consultancy Limited ऐसे पावर सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा देने वाली एक अहम कंपनी है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब प्रोजेक्ट को शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्हें सकोली सबस्टेशन को स्थापित करने के लिए 24 महीने का समय दिया गया है।
Ashoka Buildcon को LOI (जो 13 अगस्त, 2026 का है) मिलने के 10 दिनों के भीतर ₹16.70 करोड़ की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
मुख्य जोखिमों में 24 महीने की समय-सीमा के अंदर प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना और परफॉर्मेंस बैंक गारंटी की सभी शर्तों को पूरा करना शामिल है। किसी भी तरह की देरी से रेवेन्यू मिलने में रुकावट आ सकती है।
प्रतिस्पर्धी कंपनियों से तुलना
Ashoka Buildcon इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक कॉम्पिटिटिव माहौल में काम करती है, जहां पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स में कई अन्य कंपनियां भी सक्रिय हैं। KEC International, Kalpataru Power Transmission, और Sterlite Power जैसी कंपनियां इस सेगमेंट में जानी-मानी हैं।
प्रोजेक्ट के मुख्य आंकड़े
इस प्रोजेक्ट के लिए सालाना मिलने वाली राशि ₹126.54 करोड़ (या ₹1265.37 मिलियन) है, और ऑपरेशनल अवधि 35 साल है।
प्रोजेक्ट के LOI की तारीख से 24 महीने के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को कंपनी के प्रोजेक्ट शुरू करने की प्रगति, तय समय-सीमा का पालन करने और अपनी परफॉर्मेंस गारंटी को बनाए रखने पर नज़र रखनी चाहिए। प्रोजेक्ट के चालू होने से जुड़ी भविष्य की अपडेट्स महत्वपूर्ण होंगी।
