Ashoka Buildcon के लिए दूसरी तिमाही मिली-जुली रही है। कंपनी को कंसोलिडेटेड स्तर पर **₹118.96 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, हालांकि स्टैंडअलोन बिजनेस में थोड़ी मजबूती दिखी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के हालिया नतीजों के मुताबिक, स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,315.48 करोड़ रहा है। हालांकि, कंसोलिडेटेड लेवल पर ₹118.96 करोड़ का नेट लॉस निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
बड़ा फैसला: NCD और एसेट सेल
बोर्ड ने ₹500 करोड़ तक के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी 'Jaora-Nayagaon Toll Road Company Private Limited' में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह कदम कंपनी के अपने एसेट पोर्टफोलियो को स्ट्रीमलाइन करने की रणनीति का हिस्सा है।
CBI जांच का साया
फिलहाल कंपनी पर NHAI प्रोजेक्ट्स को लेकर CBI जांच का मामला चल रहा है। आरोप है कि बिहार प्रोजेक्ट के दौरान NHAI अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी। कंपनी ने सफाई दी है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और उन्होंने इस मामले को रद्द करने के लिए पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मैनेजमेंट का मानना है कि इस कानूनी कार्यवाही से कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की ओर से होने वाली पोस्टल बैलेट प्रक्रिया और CBI मामले में आने वाले अपडेट्स पर पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये फैक्टर्स आगे चलकर शेयर के सेंटीमेंट को तय करेंगे।
