Ashoka Buildcon: पहली तिमाही में रेवेन्यू 21% घटा, लेकिन ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ पर मजबूत

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Ashoka Buildcon: पहली तिमाही में रेवेन्यू 21% घटा, लेकिन ऑर्डर बुक ₹15,251 करोड़ पर मजबूत

Ashoka Buildcon ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **21%** घटकर **₹1,534 करोड़** रहा। हालांकि, कंपनी का ऑर्डर बुक अभी भी **₹15,251 करोड़** पर मजबूत बना हुआ है, और यह नकदी प्रवाह (cash flow) को बेहतर बनाने के लिए एसेट मोनेटाइजेशन (asset monetization) पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

नतीजों पर क्या कहता है मैनेजमेंट?

Ashoka Buildcon के मैनेजमेंट के अनुसार, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में BOT और HAM प्रोजेक्ट्स के मोनेटाइजेशन (monetization) के कारण हुई है। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड EBITDA ₹292 करोड़ रहा, जबकि मार्जिन 19.0% दर्ज किया गया। कंपनी के स्टैंडअलोन (standalone) आधार पर, कुल आय मामूली रूप से घटकर ₹1,320 करोड़ रही, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) बढ़कर ₹31.5 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹30.6 करोड़ था।

भविष्य के लिए क्या है संकेत?

वित्त वर्ष 2027 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस (revenue growth guidance) को 10-15% तक कम कर दिया गया है, जो पहले 20% था। यह घरेलू हाईवे अवार्ड्स साइकल (highway awarding cycle) में संभावित मंदी के कारण है। हालांकि, ₹15,251 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक, रेलवे (railways) और पावर ट्रांसमिशन (power transmission) जैसे क्षेत्रों में विस्तार, और लगभग ₹1,150 करोड़ के एसेट मोनेटाइजेशन का लक्ष्य भविष्य के प्रदर्शन और कंपनी की लिक्विडिटी (liquidity) के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

कंपनी की नई रणनीति

Ashoka Buildcon अब केवल घरेलू हाईवे प्रोजेक्ट्स पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी रेलवे, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D), बिल्डिंग EPC जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और राजस्व स्रोतों में विविधता लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों की भी तलाश कर रही है।

जोखिम और आगे की राह

कंपनी के सामने मुख्य जोखिमों में धीमी गति से चल रहे हाईवे अवार्डिंग और सप्लाई चेन (supply chain) की अनिश्चितताएं शामिल हैं। एसेट मोनेटाइजेशन की समय-सीमाओं का पालन करना महत्वपूर्ण है, और कुछ प्रोजेक्ट्स के लिए वर्किंग कैपिटल (working capital) की आवश्यकता अभी पूरी नहीं हुई है। कंपनी का लक्ष्य Q2/early October 2026 तक चार एसेट्स को मोनेटाइज करना है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशक एसेट मोनेटाइजेशन योजना के सफल कार्यान्वयन, नए प्रोजेक्ट्स के शुरू होने, और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में EBITDA मार्जिन में सुधार पर बारीकी से नजर रखेंगे। NHAI अवार्डिंग साइकल और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स की सफलता भी महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.