Ashoka Buildcon ने FY26 के सालाना नतीजों में अपने कर्ज को घटाकर **₹2,722 करोड़** कर लिया है। एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया है, जबकि सेक्टर की चुनौतियों के बीच रेवेन्यू **₹7,519.88 करोड़** रहा।
कर्ज घटाने पर फोकस
Ashoka Buildcon ने अपनी 33वीं एनुअल रिपोर्ट में बताया कि कंपनी ने अपने कर्ज को ₹4,910 करोड़ से कम करके ₹2,722 करोड़ के स्तर पर ला दिया है। यह बड़ी राहत 5 HAM रोड SPVs को ₹1,146 करोड़ और 5 BOT हाईवे SPVs को ₹1,814 करोड़ में बेचकर मिली है।
बिजनेस और ऑर्डर बुक
सेक्टर में प्रोजेक्ट्स में देरी और सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण रेवेन्यू में थोड़ी सुस्ती देखी गई, जो ₹7,519.88 करोड़ रही। कंपनी ने Ashoka Concessions को पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly-owned subsidiary) बनाकर स्ट्रक्चर को सरल किया है। फिलहाल, कंपनी के पास ₹15,312 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें से 66% हिस्सा रोड्स और रेलवे का है, 13% पावर T&D का और 4% EPC बिल्डिंग्स का है।
नई लीडरशिप
ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी ने बोर्ड में बड़े बदलाव किए हैं। 11 अगस्त 2026 से संजय लोंढे और आशीष कटारिया को जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर (Joint Managing Directors) के रूप में नियुक्त किया गया है।
आगे क्या?
निवेशकों को अब कंपनी की ₹15,312 करोड़ की ऑर्डर बुक के एग्जीक्यूशन और बाकी बचे 6 HAM SPVs को मोनेटाइज करने की प्रोसेस पर नजर रखनी चाहिए।
