Ashapura Minechem ने Q1 FY27 में 19.2% की छलांग लगाकर ₹1,616 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि, बढ़ी हुई लागतों ने मुनाफे पर असर डाला, जिससे EBITDA मार्जिन में गिरावट आई। कंपनी गिनी में अपनी पोर्ट और वाशिंग प्लांट की क्षमता बढ़ा रही है।
Ashapura Minechem के Q1 FY27 नतीजे
कंपनी के मुनाफे में भारी उछाल आई है, लेकिन लागतों का असर भी दिखा है। Ashapura Minechem ने अपनी आय में 19.2% की जोरदार वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में ₹1,616 करोड़ है।
मार्जिन पर दबाव क्यों?
मुनाफे में बढ़त के बावजूद, कंपनी की कमाई की लागतें बढ़ी हैं, जिसका असर EBITDA मार्जिन पर साफ दिख रहा है। इस तिमाही में EBITDA ₹188.9 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹187.7 करोड़ था। EBITDA मार्जिन घटकर 11.7% पर आ गया है, जो पिछले साल की 13.8% की तुलना में कम है।
गिनी का ऑपरेशन और लागतों का खेल
कंपनी के 84% टर्नओवर का योगदान गिनी ऑपरेशन्स से आता है। हालांकि, ईंधन, लॉजिस्टिक्स और कच्चे माल की बढ़ी हुई कीमतों का असर कंपनी की कुल मुनाफेबाजी पर पड़ रहा है। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी घटकर ₹130.03 करोड़ रह गया है।
भविष्य की योजनाएं और जोखिम
Ashapura Minechem गिनी में अपने बोफा पोर्ट की क्षमता बढ़ाने और एक नया बॉक्साइट वाशिंग प्लांट शुरू करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य FY2028 तक 15 मिलियन टन आयरन ओर क्षमता हासिल करना है, हालांकि यह अभी शुरुआती चरण में है।
समुद्री माल ढुलाई की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति प्रमुख चिंताएं हैं, जो कंपनी की मांग और मार्जिन को प्रभावित कर सकती हैं। आयरन ओर की वाणिज्यिक बिक्री अभी ट्रायल प्रोडक्शन में है, और इसका बड़ा योगदान भविष्य की योजनाओं पर निर्भर करेगा।
